विदेश

US-Iran Talk: अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान क्यों नहीं जा रहा ईरान? बड़ी वजह आ गई सामने

Iran-US War: ईरान ने कहा कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर की खबर सही नहीं है।
2 min read
• •
Updated: 20 Apr 2026, 7:34 AM IST
Iran,US talks,Strait of Hormuz,naval blockade,Donald Trump,Iran rejects peace talks claim,
ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (Photo-X)

US-Iran Talk: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होनी है। इससे पहले ईरान ने उन सभी दावों को खारिज कर दिया है कि वह शांति वार्ता के लिए दूसरे दौर के लिए सहमत हो गया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने अमेरिका पर अत्यधिक मांगें रखने, अवास्तविक अपेक्षाएं रखने, बार-बार रुख बदलने, विरोधाभासी बयान देने और जारी नौसैनिक नाकाबंदी का आरोप लगाया। साथ ही ईरान ने इसे सीजफायर का उल्लंघन भी बताया है।

ईरान ने क्या कहा? 

ईरान ने कहा कि पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर की खबर सही नहीं है और साथ ही यह भी कहा कि अमेरिका द्वारा प्रकाशित खबरें उसका मीडिया खेल हैं और ईरान पर दबाव बनाने के लिए ब्लेम गेम का हिस्सा हैं।

वार्ता को लेकर ट्रंप ने क्या दिए संकेत

वहीं दूसरे दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार सोमवार को इस्लामाबाद पहुंचेंगे। यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब एक अस्थिर युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है।

ईरान ने लगाए ये आरोप

ईरानी मीडिया के मुताबिक, बातचीत का वातावरण बहुत सकारात्मक नहीं है। अमेरिका पर अत्यधिक और अव्यावहारिक मांगें रखने, बार-बार रुख बदलने और तथाकथित नौसेना नाकेबंदी जारी रखने का आरोप लगाया गया है। ईरान का कहना है कि इन हालात में सार्थक बातचीत की कोई साफ संभावना नहीं है।

पहले दौर की वार्ता रही फेल

पहले दौर की बातचीत भी इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच खासकर परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेदों के कारण कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।

अमेरिकी टीम इस्लामाबाद में

डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा और सोमवार शाम तक इस्लामाबाद पहुंच जाएगा। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को प्रभावित किया जा सकता है।

उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की भागीदारी को लेकर भी भ्रम था, लेकिन बाद में व्हाइट हाउस ने साफ़ किया कि वे भी वार्ता में शामिल होंगे। उनके साथ समझौते के विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर भी मौजूद रहेंगे।

Updated on:
20 Apr 2026, 7:34 AM IST
Published on: