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US-Iran War: होर्मुज पर नाकेबंदी की ट्रंप ने दी चेतावनी, जानें सबसे ज्यादा किस देश पर पड़ेगा असर

US Iran Talks Failure: ट्रंप ने कहा कि मैंने अपनी नौसेना को यह भी निर्देश दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हर उस जहाज को...
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Updated: 13 Apr 2026, 11:52 AM IST
Trump statement on Strait of Hormuz
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- AI)

US-Iran War: पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी धमकी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना तुंरत होर्मुज की नाकाबंदी शुरू करेगी और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन सभी जहाजों को रोकेगी, जिन्होंने ईरान को टोल दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि तुरंत प्रभाव से संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में प्रवेश करने या वहां से निकलने की कोशिश करने वाले सभी जहाजों की नाकेबंदी की प्रक्रिया शुरू करेगी।

जहाजों की होगी जांच- ट्रंप

ट्रंप ने आगे कहा कि मैंने अपनी नौसेना को यह भी निर्देश दिया है कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हर उस जहाज को रोके और जांच करे जिसने ईरान को टोल दिया है। जो कोई भी यह अवैध टोल देगा, उसे समुद्र में सुरक्षित मार्ग नहीं मिलेगा।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर उस समय की, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। ट्रंप ने कहा कि बैठक अच्छी रही और ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोनों पक्ष सहमत नहीं हो सके।

अमेरिकी सेना ने की नाकेबंदी की घोषणा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (United States Central Command) ने घोषणा की है कि वह सोमवार को सुबह 10 बजे से ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू करेगा। CENTCOM के मुताबिक, यह नाकेबंदी सभी देशों के जहाजों पर निष्पक्ष रूप से लागू की जाएगी, जो ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों में प्रवेश या निकास करेंगे।

एक्स पर पोस्ट करते हुए CENTCOM ने कहा कि उसकी सेनाएं राष्ट्रपति की घोषणा के अनुरूप 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी समुद्री यातायात पर नाकेबंदी लागू करेंगी। इसमें अरब सागर क्षेत्र और गल्फ ऑफ ओमान से जुड़े तटीय इलाकों के बंदरगाह भी शामिल होंगे।

हालांकि, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि होर्मुज से गुजरने वाले उन जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होगी, जो गैर-ईरानी बंदरगाहों के लिए जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। व्यापारिक जहाजों को सलाह दी गई है कि वे नोटिस टू मरीनर्स पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर खाड़ी क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी नौसेना से ब्रिज-टू-ब्रिज चैनल 16 के जरिए संपर्क करें।

चीन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

बता दें कि पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा असर चीन पर पड़ सकता है। क्योंकि चीन, ईरान के तेल का 90% से ज्यादा खरीदता है। रोजाना करीब 15–16 लाख बैरल तेल आयात करता है और यह उसकी कुल जरूरत का लगभग 15–16% हिस्सा है।

Updated on:
13 Apr 2026, 11:52 AM IST
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