US-Israel-Iran conflict: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, बुशहर न्यूक्लियर प्लांट के पास हमले में एक की मौत। IAEA ने जताई चिंता, लेकिन रिएक्टर सुरक्षित बताया। Middle East में हालात गंभीर।
US-Israel-Iran Conflict: ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को किए गए अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। एक ओर जहां अमेरिका और इजरायल की तरफ से हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान भी किसी भी सूरत में हथियार डालने को तैयार नहीं है।
ऐसे में इस मसले के समाधान के लिए कई देश बातचीत और कूटनीति के माध्यम से रास्ता निकालने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन ईरान अपनी शर्तों के बिना जंग खत्म करने के पक्ष में नहीं है।
इसी बीच, शनिवार 4 अप्रैल को दक्षिणी ईरान के बुशहर स्थित न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास अमेरिकी-इजरायली हमले का एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस धमाके से पूरा इलाका थर्रा उठा। हालांकि राहत की बात यह रही कि बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए इस हमले पर इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने चिंता जताई है। हालांकि, IAEA ने पुष्टि की है कि परमाणु रिएक्टर सुरक्षित है और उसे कोई क्षति नहीं पहुंची है। बता दें कि यह प्लांट रूस के सहयोग से संचालित होता है। युद्ध के दौरान किसी भी परमाणु स्थल के पास हमला बेहद खतरनाक माना जाता है।
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के अलावा इजरायल ने शनिवार को ईरान के दक्षिणी खुजेस्तान स्थित स्पेशनल इकोनॉमिक जोन पर भी हमला किया। इस इलाके में कई धमाके हुए। इन हमलों की पुष्टि इजरायल की तरफ से भी की गई। ये हमले इजरायल की वायुसेना की ओर से किए गए। इस हमले में तीन कंपनियों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट में पांच लोगों के घायल होने की खबर है।
3 मार्च को रियाद में अमेरिका दूतावास पर हमला हुआ था ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 3 मार्च को रियाद में अमेरिका दूतावास पर हुए हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। ईरान ने दावा किया था कि यह हमला इजरायल का काम हो सकता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में पहले ईरान को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।