US Israel Iran war: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच फिनलैंड ने भारत से कूटनीतिक भूमिका निभाने की अपील की। जानें कैसे भारत युद्धविराम और मध्य-पूर्व में शांति के लिए सहयोग कर सकता है।
US-Israel-Iran War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद एक ओर जहां दुनियाभर में ऊर्जा संकट का डर बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर कई देश पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को कूटनीति और बातचीत के ज़रिए सुलझाने की वकालत कर रहे हैं। इन देशों में फिनलैंड भी शामिल हो गया है। फिनलैंड ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत से कूटनीतिक भूमिका निभाने की अपील की है।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर स्टब ने एक टीवी इंटरव्यू में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच युद्धविराम का आह्वान किया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यूरोपीय देश या भारत इस दिशा में मदद कर सकते हैं? भारत की तरीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'हमने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर को माहौल शांत करने और स्थिति को यथावत बनाए रखने के लिए युद्धविराम और बातचीत की अपील करते हुए देखा है।'
अलेक्जेंडर स्टब का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तनावपूर्ण हालात में भारत ने संयम और कूटनीति का रास्ता अपनाते हुए ईरान के साथ अपने संबंध बनाए रखे हैं। एस जयशंकर ने कई बार ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की है।
फिनलैंड के प्रधानमंत्री पहले व्यक्ति नहीं हैं, जिन्होंने यह सुझाव दिया है कि भारत ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव कम करने में मदद कर सकता है। अमेरिका का भी मानना है कि भारत तनाव कम करने में भूमिका निभा सकता है।
रविवार को अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने संकेत दिया कि भारत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा में उनके देश की मदद कर सकता है। यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि सहयोगी देश अपने युद्धपोत भेजें, ताकि इस मार्ग पर आवाजाही सुचारू बनी रहे।