Russia warn US Israel: यूएस, इजरायल और ईरान के संघर्ष पर रूस ने गंभीर चेतावनी दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमलों से रेडियोलॉजिकल आपदा का खतरा बढ़ गया है, जो चेर्नोबिल से भी अधिक विनाशकारी हो सकती है। मध्य-पूर्व और वैश्विक सुरक्षा पर इसके प्रभावों की जानकारी यहां पढ़ें।
Russia reaction on Middle East conflict: मध्य-पूर्व के मौजूदा हालात पर रूसी विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ गैरकानूनी और बिना उकसावे के किए गए आक्रमण से अंतरराष्ट्रीय संकट उत्पन्न हो गया है।
मॉस्को ने इस बात पर भी जोर दिया कि मध्य-पूर्व का टकराव दिन-प्रतिदिन बढ़ता और तेज होता जा रहा है। रूस ने यह भी कहा कि सैन्य अभियान पारंपरिक युद्ध क्षेत्रों से कहीं आगे निकल गया है। हमले पहले से कहीं अधिक भयंकर और विनाशकारी होते जा रहे हैं।
रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अब लक्ष्यों में नागरिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है, जिसमें IAEA सुरक्षा उपायों के तहत आने वाली परमाणु सुविधाएं भी तेजी से शामिल हो रही हैं। संभावित पर्यावरणीय आपदा को लेकर चिंता जताते हुए रूस ने बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए हमलों पर भी चिंता जाहिर की।
रूसी मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक रेडियोलॉजिकल आपदा का साया अब फारस की खाड़ी क्षेत्र और यूरेशिया के निकटवर्ती हिस्सों पर मंडरा रहा है, जो चेर्नोबिल से भी अधिक विनाशकारी साबित हो सकता है।
रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में सशस्त्र टकराव से बढ़ते मानवीय नुकसान पर भी दुख जताया, जिसमें पहले ही महिलाओं और बच्चों सहित हजारों निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।
क्रेमलिन ने सैन्य तनाव को बढ़ते वैश्विक आर्थिक संकट से भी जोड़ा। रूस की ओर से दावा किया गया कि वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को भारी नुकसान पहुंचा है।
रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, मध्य-पूर्व में युद्ध के चलते महत्वपूर्ण रसद मार्ग बंद हो गए हैं और बाजार अव्यवस्था में डूब गए हैं। कई देश अब आर्थिक गिरावट और बढ़ती मुद्रास्फीति के गंभीर पूर्वानुमानों के बीच ईंधन राशनिंग (सीमित वितरण) शुरू करने के लिए मजबूर हैं।
यह चेतावनी देते हुए कि वॉशिंगटन और तेल अवीव की गैरकानूनी और गैर-जिम्मेदार कार्रवाइयों के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर होने का खतरा है, रूस ने एक बार फिर शत्रुता को तत्काल समाप्त करने का पुरजोर आह्वान किया है।
तनाव कम करने के अपने प्रयासों के तहत मॉस्को ने कहा कि वह ईरान को लेकर तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और चीन सहित कई देशों के प्रयासों का स्वागत करता है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के 2 अप्रैल के हालिया बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने अमेरिका और इज़रायल से युद्ध रोकने का आह्वान किया था। उन्होंने ईरान से भी अपील की थी कि वह आक्रमण के बाद अपने पड़ोसियों पर किए गए हमलों को रोके।
कूटनीतिक तत्परता का हवाला देते हुए रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान की अभी भी संभावना है।