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भारत के अलावा इन देशों के 90 जहाजों ने किया होर्मुज स्टेट पार, जंग के बावजूद ईरान कर रहा करोड़ों का तेल निर्यात

US-Israel-Iran War: होर्मुज स्टेट (Strait of Hormuz) में युद्ध के बावजूद सीमित जहाज आवाजाही जारी है। ईरान ने रणनीतिक तरीके से तेल निर्यात बनाए रखा है, जबकि भारत, पाकिस्तान जैसे देशों ने कूटनीति के जरिए अपने जहाज सुरक्षित निकाले हैं।
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Mar 18, 2026
Strait of Hormuz
होर्मुज स्टेट (फोटो- एएनआई)

US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज स्टेट (Strait of Hormuz) वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का केंद्र बना हुआ है। यह जलमार्ग दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल के परिवहन के लिए अहम माना जाता है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की स्थिति के बावजूद करीब 90 जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं और ईरान लगातार लाखों बैरल तेल का निर्यात कर रहा है।

होर्मुज स्टेट (Strait of Hormuz) पर सीमित स्तर पर आवाजाही जारी

युद्ध शुरू होने के बाद से ज्यादातर शिपिंग ट्रैफिक प्रभावित हुआ है, लेकिन कई जहाज डार्क ट्रांजिट के जरिए निगरानी से बचते हुए गुजर रहे हैं। मैरिटाइम डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार 1 से 15 मार्च के बीच 89 जहाज इस मार्ग से गुजरे, जिनमें 16 ऑयल टैंकर शामिल थे। इनमें से एक बड़ा हिस्सा ईरान से जुड़ा माना जा रहा है, जबकि कुछ जहाज चीन और ग्रीस से जुड़े बताए गए हैं। यह ट्रेंड दिखाता है कि भले ही आधिकारिक रूप से मार्ग बंद जैसा दिख रहा हो, लेकिन सीमित स्तर पर आवाजाही जारी है।

चीन सबसे अधिक खरीद रहा ईरान का तेल

ट्रेड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म क्लर के मुताबिक, मार्च की शुरुआत से अब तक ईरान 16 मिलियन बैरल से ज्यादा तेल निर्यात कर चुका है। पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद चीन इस तेल का सबसे बड़ा खरीदार बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान ने रणनीतिक तरीके से इस जलमार्ग पर नियंत्रण बनाए रखते हुए अपने निर्यात को जारी रखा है। कुछ जहाज खुद को चीन से जुड़ा बताकर हमलों से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जोखिम कम किया जा सके।

भारत के साथ-साथ पाकिस्तान का टैंकर भी गुजरा

हाल के दिनों में भारत और पाकिस्तान से जुड़े जहाज भी इस मार्ग से सुरक्षित निकलने में सफल रहे हैं। भारत के एलपीजी कैरियर शिवालिक और नंदा देवी के अलावा पाकिस्तान का टैंकर कराची भी इस दौरान हॉर्मुज से गुजरा है। बताया जा रहा है कि इन जहाजों को गुजरने के लिए कूटनीतिक बातचीत का सहारा लिया गया। विश्लेषकों के अनुसार, ईरान ने अपने तट के करीब एक सेफ कॉरिडोर बना दिया है, जिससे कुछ चुनिंदा जहाजों को अनुमति मिल रही है। लेकिन होर्मुज स्टेट बंद होने के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, जो वैश्विक बाजार के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका ने कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सहयोगी देशों पर दबाव बनाया है, वहीं ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने विरोधियों के लिए तेल आपूर्ति पूरी तरह रोक सकता है।

Updated on:
18 Mar 2026 12:07 pm
Published on:
18 Mar 2026 12:07 pm