Ghadir Submarine: ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में गादिर-क्लास पनडुब्बियों तैनात की, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट बढ़ा और अमेरिका की नौसैनिक रणनीति के लिए चुनौतीपूर्ण बनी।
Ghadir Class Submarine stop US Navy: ईरान पर 28 अप्रैल को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दुनिया के कई देशों को ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि तेहरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है। अमेरिका समेत कई देशों ने इस जलमार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की वकालत की है, लेकिन तेहरान ने केवल भारत, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक को ही अनुमति दी है। यह तब है जब अमेरिका ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए कई बार कड़ी चेतावनी दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट खोलने को लेकर साहस क्यों नहीं दिखा पा रहा है? इसकी वजह ईरान की रणनीति है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को काफी परेशान कर रखा है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही ईरान की नौसेना को खत्म करने की कोशिशें करते रहे हों, हकीकत इसके उलट है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पानी के नीचे गादिर-क्लास की मिनी पनडुब्बियों को बड़ी संख्या में होर्मुज स्ट्रेट के समुद्र तल पर तैनात कर रखा है। ईरान की तरफ से 20 से अधिक पनडुब्बियां यहां तैनात हैं, जिनमें अधिकांश वर्तमान में सक्रिय हैं। ये छोटी और घातक पनडुब्बियां सतह से बहुत दूर समुद्र की गहराई में हैं और अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ी चुनौती हैं।
अमेरिका के लिए समस्या यह है कि यहां सोनार सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाते, क्योंकि व्यावसायिक जहाजों, मछली पकड़ने वाली नावों, लहरों और तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म के कारण शोर बहुत अधिक होता है। वहीं बड़े पनडुब्बी रोधी जहाज और हवाई जहाज छोटी पनडुब्बियों का पता नहीं लगा पाते।
ईरान की डीजल-इलेक्ट्रिक गादिर-क्लास पनडुब्बी छोटे आकार की होती है और तटीय रक्षा के लिए डिजाइन की गई है। यह पनडुब्बी फारस की खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी और इज़राइली नौसेना के लिए एक छिपा हुआ खतरा मानी जाती है। इसके बारे में पहली बार 2007 में खुलासा हुआ था।
गादिर इतनी छोटी पनडुब्बी है कि यह 30 मीटर गहरे पानी में आसानी से चल सकती है और इसमें केवल 7 क्रू मेंबर होते हैं। यह छोटी और तेज हमलों के लिए बनाई गई है। खास बात यह है कि यह समुद्र तल में आसानी से इंजन बंद करके छिप सकती है। सोनार के जरिए इसका पता लगाना मुश्किल है। छोटे होने के बावजूद यह खतरनाक हथियार ले जाने में सक्षम है और इतनी तेज गति से चल सकती है कि किसी भी जहाज को बचाव का समय नहीं मिलता। अमेरिकी हमलों के बावजूद कई गादिर पनडुब्बियां अब भी सक्रिय हैं।
इस खतरे के कारण अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ईरानी जल क्षेत्र से काफी दूर रखे गए हैं। एंटी-सबमरीन युद्ध के लिए अमेरिकी नौसेना को काफी संसाधन लगाने पड़ रहे हैं। ईरानी रणनीति अमेरिका के सामने मुश्किलें पैदा कर रही है।