
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद कतर ने भी ईरान को खुली धमकी दे डाली है। ट्रंप ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि आज रात एक पूरी सभ्यता मिट सकती है जो दोबारा कभी नहीं बनेगी।
उन्होंने यह भी लिखा- मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो लेकिन शायद होगा। साथ ही उन्होंने आज रात 8 बजे तक की डेडलाइन भी सेट कर दी।
ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला तो अमेरिका एक साथ ईरान के सभी बिजली घरों और पुलों पर हमला करेगा। उनका कहना है कि यह सब चार घंटे के अंदर होगा। और इसके बाद ईरान में न पुल बचेंगे, न बिजली, न कुछ और।
व्हाइट हाउस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पूरे देश को एक रात में खत्म किया जा सकता है और वो रात शायद कल की रात हो। ईरान ने 7 दिन का वक्त मांगा था। ट्रंप ने 10 दिन दिए। वो 10 दिन आज खत्म हो गए।
खबरें आ रही हैं कि अमेरिका पहले ही ईरान के खार्ग द्वीप और कुछ अहम ठिकानों पर हमले कर चुका है। खार्ग द्वीप ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है। यानी बात सिर्फ धमकियों तक नहीं रही। कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
एक तरफ ट्रंप तबाही की बात कर रहे हैं। दूसरी तरफ उन्होंने लिखा कि ईरान में अब समझदार और कम कट्टर लोग सत्ता में आ सकते हैं। उन्होंने लिखा कि अब जब पूरा सत्ता परिवर्तन हो गया है तो शायद कुछ क्रांतिकारी और अच्छा हो सकता है।
और पोस्ट के आखिर में उन्होंने लिखा कि ईरान के महान लोगों को भगवान का आशीर्वाद मिले। एक ही सांस में तबाही की बात और दुआ। यही ट्रंप का अंदाज है जो दुनिया को समझ नहीं आता।
इस बीच, कतर का एक बयान आया जो बेहद अहम है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि शांति की गुंजाइश तेजी से खत्म हो रही है। उनके शब्द थे कि हम उस मोड़ के करीब हैं जहां से हालात काबू से बाहर हो सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस जंग में कोई जीतने वाला नहीं है। जो लंबे समय तक लड़ेगा वो खुद भी नुकसान उठाएगा। कतर ने होर्मुज के बारे में एक जरूरी बात भी कही। उन्होंने कहा कि होर्मुज एक नहर नहीं है, यह एक प्राकृतिक स्ट्रेट है। और इस पर सभी देशों का बराबर हक है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि 47 साल की लूट, भ्रष्टाचार और मौत का खेल आज खत्म होगा। 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई थी। तब से अमेरिका और ईरान के बीच कोई सामान्य रिश्ते नहीं रहे। पाबंदियां लगती रहीं, तनाव बढ़ता रहा। और अब 47 साल बाद यह तनाव एक ऐसे मोड़ पर आ गया है जहां से रास्ते बहुत कम बचे हैं।
दुनिया की नजर इस वक्त एक घड़ी पर है। वाशिंगटन के समय रात 8 बजे यानी भारतीय समय के मुताबिक बुधवार तड़के साढ़े पांच बजे। अगर ईरान ने होर्मुज खोल दिया तो शायद कोई रास्ता निकले। अगर नहीं खोला तो ट्रंप ने जो कहा है उसे वो करेंगे या नहीं, यह भी देखना होगा।
Published on:
07 Apr 2026 07:20 pm
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