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नेपाल में H5N1 वायरस ने मचाया कोहराम, दहशत में लोग

Nepal Bird Flu Outbreak: नेपाल में बर्ड फ्लू खतरा बढ़ रहा है। एक अधिकारी ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि चार जिलों में बर्ड फ्लू फैल गया है। अब तक प्रभावित जगहों से मुर्गियों और बत्तखों समेत कुल 113,608 पक्षी और 211,867 अंडे नष्ट कर दिए गए हैं।

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भारत

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Saurabh Mall

Apr 07, 2026

NEPAL NEWS

नेपाल में H5N1 वायरस से दहशत (सोर्स: ANI)

H5N1 Virus Nepal: भारत के दो पड़ोसी देशों की स्वास्थ्य स्थिति ठीक नहीं है। एक तरफ बांग्लादेश में खसरे के कारण 118 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर मासूम बच्चे शामिल हैं। दूसरी तरफ नेपाल में H5N1 वायरस ने कोहराम मचाया हुआ है।

इस खतरनाक वायरस ने लोगों की चिंता निश्चित तौर पर बढ़ा दी है। H5N1, जिसे आम भाषा में बर्ड फ्लू कहा जाता है, अब तेजी से फैल रहा है। वहां हालात गंभीर होते जा रहे हैं।

सरकार के मुताबिक, यह वायरस देश के चार जिलों- मोरंग, सुनसारी, झापा और चितवन तक पहुंच चुका है और 23 पोल्ट्री फार्म इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस साल इसका पहला मामला 18 मार्च को सामने आया था, लेकिन अब इसका असर तेजी से बढ़ता दिख रहा है।

अधिकारियों का क्या है कहना?

अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है, लेकिन वायरस की तेज रफ्तार चिंता बढ़ा रही है। बर्ड फ्लू के फैलने से न सिर्फ पोल्ट्री उद्योग को नुकसान हो रहा है, बल्कि लोगों में भी डर का माहौल बन गया है।

डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार तक प्रभावित जगहों से मुर्गियों और बत्तखों समेत कुल 113,608 पक्षी और 211,867 अंडे नष्ट कर दिए गए हैं।

H5N1 कई इन्फ्लूएंजा वायरस में से एक है जो पक्षियों में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) नाम की एक बहुत ज्यादा फैलने वाली सांस की बीमारी पैदा करता है। इंसानों समेत मैमल्स में भी इन्फेक्शन के बारे में पता चला है।

जानलेवा बीमारी है H5N1 इन्फ्लूएंजा वायरस

बता दें H5N1 इन्फ्लूएंजा वायरस इन्फेक्शन इंसानों में हल्की से लेकर गंभीर तक कई तरह की बीमारियां पैदा कर सकता है और कुछ मामलों में, यह जानलेवा भी हो सकता है। बताए गए लक्षण मुख्य रूप से सांस से जुड़े रहे हैं, लेकिन कंजंक्टिवाइटिस और सांस से जुड़े दूसरे लक्षण भी बताए गए हैं। कुछ ऐसे लोगों में भी A(H5N1) वायरस का पता चला है जो इन्फेक्टेड जानवरों या उनके आस-पास के माहौल के संपर्क में आए थे, लेकिन जिनमें कोई लक्षण नहीं दिखे।

पहली बार 1996 में सामने आया था ये घातक बीमारी

बता दें ‘H5N1’ बर्ड फ्लू वायरस पहली बार 1996 में सामने आया था। तब से यह लगातार पक्षियों में फैलता रहा है।
2020 के बाद इस वायरस के एक नए रूप ने कई देशों में जंगली पक्षियों और पोल्ट्री (मुर्गी-बत्तख) में बड़ी संख्या में मौतें हुईं। शुरुआत में यह वायरस अफ्रीका, एशिया और यूरोप में फैला। फिर 2021 में यह नॉर्थ अमेरिका पहुंच गया और 2022 में सेंट्रल और साउथ अमेरिका तक फैल गया।

2021 से 2022 के बीच यूरोप और नॉर्थ अमेरिका में बर्ड फ्लू का सबसे बड़ा और लंबा प्रकोप देखा गया। इस दौरान खास बात यह रही कि वायरस जंगली पक्षियों में लंबे समय तक बना रहा, जो पहले कम देखा जाता था।