
US Travel Warning: मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर न सिर्फ पूरे क्षेत्र पर पड़ रहा है, बल्कि होर्मुज संकट के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी उथल-पुथल का माहौल है। इसी बीच क्षेत्रीय तनाव और बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए अमेरिका के विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी अपनी आधिकारिक एडवाइजरी में कहा, 'मध्य-पूर्व में बढ़े हुए तनाव के कारण सुरक्षा माहौल जटिल बना हुआ है। ऐसे में अप्रत्याशित घटनाक्रम होने की आशंका बढ़ गई है।' विभाग ने क्षेत्र की यात्रा और वहां से होकर गुजरने को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि 'अमेरिकी नागरिकों को मध्य-पूर्व की यात्रा करने या वहां से होकर गुजरने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।'
अमेरिका ने यह भी कहा कि जो अमेरिकी नागरिक पहले से इस क्षेत्र में मौजूद हैं, उन्हें लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है। विदेश विभाग ने लोगों से मौजूदा घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने, स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और ताजा अपडेट के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर नजर रखने की अपील की है।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तरफ से यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका दर्जनों अतिरिक्त सैन्य रिफ्यूलिंग विमान इजरायल भेजना चाहता है, जिससे ईरान में लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाया जा सके।
मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान की सेना ने अमेरिका और क्षेत्र में उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि वे तेहरान की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। तस्नीम समाचार एजेंसी के मुताबिक, IRGC ने कहा है कि जिन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया जा रहा है, वे सुरक्षा इंतजाम बढ़ा लें। इसके अलावा ईरानी सेना ने सैन्य ठिकानों से अपने नागरिकों को दूर रखने को लेकर अलर्ट किया है।
ईरान की IRGC ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी की वजह से दो टैंकर समुद्र में बिछी माइंस की चपेट में आ गए। बाद में इन टैंकरों में आग लग गई। हालांकि बाद में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को झूठा और मनगढ़ंत बताया।