Trump Starmer Iran War Conflict: ईरान जंग को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच तनाव बढ़ गया है। ट्रंप ने ट्रेड डील बदलने की धमकी दी, जबकि स्टार्मर ने साफ कहा, ''यह हमारी जंग नहीं है, हम नहीं झुकेंगे।'' जानें पूरा विवाद।
US UK Tension Iran War Trump Starmer Trade Deal: अमेरिका और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे स्पेशल रिलेशन में अब खुली दरार नजर आने लगी है। ईरान को लेकर जारी युद्ध और रणनीति पर मतभेद इस कदर बढ़ गए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन के साथ हुए 2025 के ट्रेड डील को बदलने तक की धमकी दे डाली है। इसके जवाब में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कह दिया, “मैं झुकने वाला नहीं हूं, यह हमारी जंग नहीं है।”
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका-ब्रिटेन के बीच हुआ ट्रेड समझौता स्थायी नहीं है और इसे बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह डील 'मेरी जरूरत से बेहतर थी' और 'इसे कभी भी बदला जा सकता है।' ट्रंप ने ब्रिटेन पर ईरान युद्ध के दौरान साथ न देने का आरोप लगाते हुए कहा, ''वे हमारे साथ तब नहीं थे जब हमें उनकी जरूरत थी।'' यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ती नाराजगी को साफ दिखाता है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने संसद में अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, ''मेरा रुख शुरू से स्पष्ट रहा है। हम इस युद्ध में नहीं घसीटे जाएंगे। यह हमारी जंग नहीं है… मुझ पर अपना फैसला बदलने का दबाव डाला गया, लेकिन मैं अपना मन नहीं बदलूंगा। मैं झुकने वाला नहीं हूं। यह हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं है।''
स्टार्मर के इस बयान ने साफ कर दिया कि ब्रिटेन अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल होने के लिए तैयार नहीं है।
विवाद का बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी सामने आया है। अमेरिका चाहता था कि ब्रिटेन इस अहम समुद्री मार्ग को खुला रखने के लिए सैन्य सहयोग दे, लेकिन लंदन ने इससे इनकार कर दिया। इसी के साथ ब्रिटेन ने अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अपने ठिकानों के उपयोग को भी सीमित किया, जिससे वाशिंगटन की नाराजगी और बढ़ गई।
ट्रंप ने ब्रिटिश नेतृत्व पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा, 'मैं उनसे हैरान हूं। मुझे लगा था कि उनमें हिम्मत है… लेकिन मैं गलत था।' उन्होंने ब्रिटेन की नीतियों, खासकर ऊर्जा और इमिग्रेशन को लेकर भी आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि नॉर्थ सी ऑयल को बंद करना एक दुखद गलती है और इससे ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
आर्थिक असर और वैश्विक चिंता
ईरान युद्ध का असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका है। ब्रिटेन की वित्त मंत्री राहेल रीव्स ने भी इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध के स्पष्ट लक्ष्य और एग्जिट प्लान की कमी से आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
इस पूरे विवाद ने अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्तों को नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। जहां ट्रंप प्रशासन अपने सहयोगियों से स्पष्ट समर्थन चाहता है, वहीं स्टार्मर सरकार स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध ने पारंपरिक गठबंधनों को झकझोर दिया है और अब आर्थिक समझौते भी कूटनीतिक रुख से प्रभावित हो रहे हैं।
हालांकि ब्रिटेन के ट्रेजरी चीफ सेक्रेटरी जेम्स मरे ने कहा है कि अमेरिका और ब्रिटेन के रिश्ते ''किसी एक मुद्दे से बड़े'' हैं, लेकिन मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच भरोसे की खाई बढ़ती दिख रही है। अब यह देखना अहम होगा कि क्या यह तनाव अस्थायी साबित होता है या फिर वास्तव में स्पेशल रिलेशन पर स्थायी असर डालता है।