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Crude Oil: होर्मुज संकट के बीच अमेरिका-वेनेजुएला ऑयल डील, क्या ग्लोबल मार्केट में सस्ता होगा कच्चा तेल?

US Venezuela Oil Deal: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हुए बड़े तेल समझौते के बाद माना जा रहा है कि ग्लोबल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल के दामों में गिरावट आ सकती है। लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे तेल की सप्लाई बढ़ सकती है।
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Sep 02, 2026
US Venezuela Oil Deal
क्रूड ऑयल (PC: IANS)

Venezuela Oil Reserves: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 अगस्त को वेनेजुएला के साथ हुए समझौते को दुनिया का सबसे बड़ा तेल सौदा बताया था। इसके बाद उन्होंने दावा किया था कि इससे अमेरिका के तेल भंडार दोगुने से ज्यादा हो जाएंगे। इससे तेल और गैस की कीमतों में गिरावट आएगी। क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण तेल सप्लाई का सबसे अहम समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मज फिलहाल बंद है। युद्ध शुरू होने के बाद से ही क्रूड ऑयल के दाम करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे हैं।

वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा तेल

यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के मुताबिक, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। उसके पास करीब 303 अरब बैरल तेल है, जो दुनिया के कुल भंडार का लगभग 17 फीसदी है। नए समझौते के तहत अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर नियंत्रण मिलेगा। हालांकि, इसके तेल के साथ एक समस्या है। इसका तेल भारी और सल्फरयुक्त है, जिसे जमीन से निकालना और रिफाइन करना काफी खर्चीला काम है।

वेनेजुएला तुरंत नहीं बढ़ा सकता सप्लाई

कैपलर (Kpler) के विशेषज्ञ राउबॉल (Rauball) के मुताबिक, अभी अमेरिका-वेनेजुएला डील के असर ग्लोबल क्रूड की कीमतों पर न्यूट्रल है। हालांकि, लंबे समय में अगर वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ता है तो बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आएगी और इससे कीमतों पर नीचे आने का दबाव बन सकता है। लेकिन वेनेजुएला का तेल भारी और ज्यादा सल्फर वाला है। इसलिए यह खाड़ी देशों के हल्के तेल की जगह सीधे नहीं ले सकता।

कीमतों में बड़ी गिरावट कब संभव?

इस समझौते से सबसे ज्यादा फायदा अमेरिकी तेल कंपनियों को होने की संभावना है। समझौते की घोषणा के बाद वेनेजुएला में सक्रिय बड़ी अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन (Chevron) के शेयर 2.2 फीसदी चढ़े। अमेरिकी ऊर्जा मंत्री का कहना है कि वेनेजुएला में निवेश बढ़ने से तेल उत्पादन बढ़ेगा और इससे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ेगा। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कंपनियां वेनेजुएला में बड़े निवेश को लेकर जोखिम देख रही हैं। इसलिए होर्मुज संकट खत्म होने और वेनेजुएला में उत्पादन बढ़ने तक इस डील से वैश्विक तेल कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी।

Updated on:
02 Sept 2026 08:15 pm
Published on:
02 Sept 2026 08:15 pm