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सत्य साईं बाबा के भक्त हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति: बस ड्राइवर से की थी शुरुआत

Sathya Sai Baba: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का भारत से है गहरा नाता। जानें कैसे एक बस ड्राइवर बना देश का मुखिया और क्यों है उसकी अटूट श्रद्धा सत्य साईं बाबा में।

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Jan 03, 2026
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो भारत में सत्य साईं बाबा के पास। (फाइल फोटो: x Handle / Aditya Singh)

Nicolás Maduro: अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर हमला करने के बाद से दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolás Maduro) अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अमेरिका को चुनौती देने वाले इस कद्दावर नेता का भारत से एक गहरा आध्यात्मिक कनेक्शन (Venezuela President spiritual life) है? मादुरो की जीवन यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं है। एक साधारण बस ड्राइवर से देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचना और भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा रखना ((Nicolas Maduro Sai Baba connection) ), उनके व्यक्तित्व के सबसे दिलचस्प पहलू हैं।

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स्टीयरिंग व्हील से सत्ता के गलियारों तक

निकोलस मादुरो का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ था। उन्होंने अपनी किशोरावस्था से ही संघर्ष देखा। राजनीति में आने से पहले वे काराकास मेट्रो (Caracas Metro) में एक साधारण बस चालक के रूप में काम करते थे। बस चलाने के दौरान ही उन्होंने मजदूरों के हक की आवाज उठानी शुरू की। वे एक प्रखर यूनियन लीडर बने और यहीं से वे पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज की नजरों में आए। चावेज ने उनकी निष्ठा और नेतृत्व क्षमता को पहचाना और उन्हें अपना उत्तराधिकारी बनाया। मादुरो अक्सर गर्व से कहते हैं कि उन्होंने जीवन की वास्तविकताएँ बस की सीट पर बैठकर सीखी हैं।

सत्य साईं बाबा के प्रति 'अटूट आस्था'

मादुरो भले ही एक कट्टर वामपंथी विचारधारा वाले नेता माने जाते हों, लेकिन उनका हृदय भारतीय आध्यात्मिकता की ओर झुका हुआ है। वे और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स (Cilia Flores) वर्षों से सत्य साईं बाबा के अनुयायी रहे हैं।

पुट्टापर्थी की यात्रा: मादुरो वर्ष 2005 में खुद आंध्र प्रदेश के पुट्टापर्थी स्थित 'प्रशांति निलयम' आए थे। उस समय वे वेनेजुएला के विदेश मंत्री थे। उन्होंने साईं बाबा के दर्शन किए और उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन का हिस्सा बनाया।

कार्यालय में साईं बाबा की तस्वीर: कई बार अंतरराष्ट्रीय दौरों और आधिकारिक बैठकों के दौरान यह देखा गया है कि निकोलस मादुरो के दफ्तर में सत्य साईं बाबा की एक विशाल तस्वीर लगी रहती है।

शाकाहार और शांति का संदेश: मादुरो के करीबी बताते हैं कि वे साईं बाबा के बताए 'मानवीय मूल्यों' और 'शांति' के संदेशों से काफी प्रभावित हैं। वे अपनी आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत साईं बाबा के आशीर्वाद को ही मानते हैं।

जब वेनेजुएला की संसद में हुआ शोक

साईं बाबा के प्रति मादुरो की भक्ति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब 2011 में बाबा का निधन हुआ, तो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली (संसद) में बाकायदा शोक प्रस्ताव पारित किया गया था। मादुरो ने उस समय बाबा को एक ऐसा गुरु बताया था जिन्होंने दुनिया को प्यार और सेवा का पाठ पढ़ाया।

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