
ईरान में स्कूल पर हुआ हमला (फोटो- Parisa एक्स पोस्ट)
Iran–Israel war: इजरायल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान के खिलाफ एक ज्वाइंट ऑपरेशन की शुरुआत की। इस दौरान राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में मिसाइलें दागी गई और सुप्रीम लीडर खामेनेई के ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। हमलों के दौरान खामेनेई समेत देश के कई बड़े नेताओं और कमांडरों की मौत हो गई। इसके अलावा 200 लोगों के मारे जाने का का दावा किया जा रहा है। इसी बीच ईरान के स्कूल में मरने वालों की संख्या भी बढ़ कर 148 हो गई है। शुरुआत में 5 छात्राओं के मारे जाने की खबर सामने आई थी लेकिन यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। साथ ही अभी भी 95 लोग घायल है, जिनका इलाज चल रहा है। ऐसे में यह संख्या बढ़ भी सकती है।
दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में यह एलिमेंट्री गर्ल्स स्कूल स्थित था, जो कि पहले एक सैन्य बेस का हिस्सा भी रह चुकी थी। लेकिन 2016 से दोनों परिसरों को अलग कर दिया गया था। ईरानी स्टेट मीडिया ने पहले कम से कम 118 लड़कियों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़ कर 148 हो गया है। मासूम बच्चों की मौत से ईरान में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। विश्व स्तर पर इस हमले की कड़ी आलोचना हो रही है।
इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान भी लगातार जवाबी कार्रवाई कर रहा है। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और कई पड़ोसी देशों पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। हमलों में ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद ईरान घुटने टेकने को तैयार नहीं है। अमेरिका लगातार ईरान को सरेंडर करने की धमकी दे रहा है लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई अभी भी जारी है। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका और इजरायल को केमिकल वॉर की धमकी भी दे डाली है।
ईरान के केमिकल वॉर की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि वे अपने सहयोगियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी रासायनिक हमले का अभूतपूर्व सैन्य ताकत के साथ जवाब दिया जाएगा। वहीं इजराइल ने अपनी सीमाओं पर सुरक्षा और अधिक कड़ी कर दी है और एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी केमिकल वॉर की चेतावनी की कड़ी आलोचना हो रही है। इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सीधा उल्लंघन बताया जा रहा है और युद्ध में शामिल सभी देशों से शांति वार्ता की अपील की जा रही है।
Updated on:
1 Mar 2026, 12:26 PM IST
Published on:
1 Mar 2026, 12:01 PM IST
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