
अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कई लोग जोरदार व्यायाम करते हैं। इसके लिए लोग जिम में भारी वजन उठाना, लंबी दौड़ लगाना, लंबी दूरी तक साइकिल चलाना जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। लोग फिट रहने और मांसपेशियों को मज़बूत बनाने के लिए ऐसा करते हैं, पर जोरदार व्यायाम के शारीरिक फायदों के साथ ही मानसिक फायदे भी हैं। हाल ही में एक रिसर्च से यह खुलासा हुआ है।
जोरदार व्यायाम शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि हमारे दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। हाल ही में एक रिसर्च से पता चला है कि हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज़ से दिमाग में एक खास हार्मोन सक्रिय होता है, जो न्यूरॉन्स के विकास, जीवित रहने और उनकी देखभाल में मदद करता है। स्वीडन के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. मार्कस मोबर्ग ने कहा कि अगर दिमागी स्वास्थ्य सुधारना चाहते हैं, तो सप्ताह में कुछ दिन ऐसा व्यायाम करना चाहिए। हालांकि, आपकी सेहत के हिसाब से डॉक्टर्स की सलाह भी जरूरी है।
डॉ. मोबर्ग ने बताया कि जब जोरदार व्यायाम से शरीर को अपनी लिमिट तक पुश किया जाता है, तो मांसपेशियों को ज़रूरत के अनुसार ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और शरीर ग्लूकोज़ को एनएरोबिक ग्लाइकोलिसिस प्रक्रिया से तोड़ता है। इसके कारण लैक्टेट एसिड निकलता है। रिसर्च में यह पाया गया कि लैक्टेट दिमाग के लिए अहम पदार्थ प्रो-बीडीएनएफ के स्तर को बढ़ाता है। यह न्यूरॉन्स के विकास के लिए जरूरी है। यह पदार्थ यकृत, मांसपेशियों, मस्तिष्क में पाया जाता है।