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रहमान सरकार के राज में भी नहीं थम रहा हिन्दुओं पर अत्याचार, ढाई महीने में 111 घटनाएं आई सामने, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Bangladesh Hindu Violence: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद भी अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों, मंदिर तोड़फोड़, लूट और कथित जबरन धर्मांतरण की घटनाओं में वृद्धि के आरोप लगाए गए हैं।
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Updated: 19 May 2026, 10:45 AM IST
Tarique Rahman
तारिक रहमान (X)

Bangladesh Violence: बांग्लादेश में हिन्दुओं पर अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ता परिवर्तन के महज ढाई महीने के अंदर हिन्दुओं पर हुए हमलों, मंदिरों की तोड़-फोड़, लूटपाट और जबरन धर्मांतरण की 111 घटनाएं सामने आई हैं। अल्पसंख्यक अधिकार संगठन सनातनी फाउंडेशन की हालिया रिपोर्ट ने इस भयावह हकीकत को उजागर किया है, जो साफ संकेत दे रही है कि अल्पसंख्यक हिन्दू समुदाय अभी भी भारी खतरे में है।

जमीन कब्जा, हिंसा और धमकी के मामले बढ़ने का दावा

रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस अवधि के दौरान हिंदुओं की जमीन हड़पने के 16 मामले सामने आए, सरेआम गोलीबारी की 4 घटनाएं दर्ज की गईं और 3 प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ और कथित अपवित्रता की घटनाएं हुईं है। संगठन का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षित हिंसा और धमकी का एक पैटर्न देखने को मिला है, जिसके चलते कई परिवारों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।

हत्याएं और आर्थिक नुकसान के आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, दर्ज की गई घटनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा हिंसक अपराधों का है। दावा किया गया है कि कुल घटनाओं में लगभग 22% हिस्सेदारी हत्याओं की रही, जिसमें 24 लोगों की मौत बताई गई है। 19% घटनाएं लूट और चोरी से जुड़ी थीं, जिनमें अल्पसंख्यकों की संपत्ति को निशाना बनाया गया। इन दावों के मुताबिक, कई इलाकों में अल्पसंख्यक समुदाय आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहा है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध

रिपोर्ट में अल्पसंख्यक महिलाओं के खिलाफ दो गंभीर आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें दुष्कर्म जैसी घटनाओं का दावा किया गया है। इनमें से एक घटना को लेकर यह कहा गया है कि एक धार्मिक आयोजन के दौरान एक दिव्यांग महिला का अपहरण कर कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म किया गया। हालांकि, इन सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है, और इन्हें रिपोर्ट के दावों के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इन आरोपों के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे आंकड़े सही पाए जाते हैं, तो यह स्थिति क्षेत्रीय स्तर पर गंभीर कूटनीतिक चिंता का विषय बन सकती है। वहीं दूसरी ओर, सरकार या आधिकारिक एजेंसियों की ओर से इन दावों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।

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19 May 2026, 10:45 AM IST
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