Train toilet Viral Video: ट्रेन के टॉयलेट को बेडरूम बना लेने वाले यात्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसे 7.8 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है।
Train toilet Viral Video: दुनिया में कैसे-कैसे लोग हैं और वे कैसे-कैसे काम करते हैं,इसका एक नमूना देखने में आया है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो छा गया है, जिसे देख कर आप भी चौंक जाएंगे। इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर विशाल ने एक ट्रेन के टॉयलेट को 'बेडरूम' में तब्दील (Train toilet Viral Video) करने वाले यात्री का मजेदार वीडियो शेयर किया है। छोटे से वॉशरूम में वो शख्स आराम से लेटा हुआ है, उसके चारों ओर सामान फैला हुआ है और खिड़की से बाहर बांस का फोल्डेबल बेड (Passenger train hack) लटक रहा है। विशाल हंसते हुए कहते हैं, "भाई ने तो वॉशरूम को बेडरूम बना दिया!" और पूछते हैं, "यह सारा सामान तो पूरा घर लग रहा है?" शख्स हंसकर जवाब देता है, "हां भाई!" कैप्शन भी कमाल का है - "ट्रेन वॉशरूम बना दिया बेडरूम।" 24 घंटों के दौरान 7.8 लाख से ज्यादा व्यूज बटोर चुके इस वीडियो ने लोगों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर दिया। क्या यह क्रिएटिविटी है या मजबूरी का आलम ?
वीडियो देखते ही नेटिजंस की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ की तरह आ गईं। कुछ यूजर्स तो इस 'जुगाड़' की तारीफ कर रहे हैं। एक ने लिखा, "वाह, बंदा तो ट्रेन ट्रिप का फुल एंजॉयमेंट कर रहा है, बाकी तो सीट के लिए लड़ रहे हैं!" दूसरे ने कहा, "इंडिया का असली स्टाइल - जगह न हो तो खुद बना लो!" लेकिन ज्यादातर लोग नाराज नजर आ रहे हैं। कई कमेंट्स में गुस्सा झलक रहा है, जैसे "टॉयलेट सबके लिए है, इसे प्राइवेट रूम बनाना तो हद है! सफाई का क्या?" एक यूजर ने चेतावनी दी, "अगले स्टेशन पर टीटीई उतार देगा!" यह वीडियो न सिर्फ हंसी का पात्र बना, बल्कि रेलवे की असल समस्याओं को भी उजागर कर रहा है। लोग कह रहे हैं कि ऐसे वीडियो वायरल होने से रेलवे को भीड़ मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए।
यह वीडियो भारतीय रेलवे की पुरानी बीमारी - ओवरक्राउडिंग - को आईने की तरह दिखाता है। जनरल बोगी में तो पैर रखने की जगह नहीं मिलती, खासकर त्योहारों के सीजन में अक्सर ऐसा होता है। दिवाली-छठ जैसे मौकों पर लाखों यात्री ट्रेनों में ठूंस लिए जाते हैं, और सीट न मिलने पर लोग बोगी के कोनों, गलियारों या यहां तक कि टॉयलेट में जगह तलाश लेते हैं। रेलवे का नेटवर्क दुनिया का सबसे बड़ा है, लेकिन पीक टाइम में सुविधाएं कम पड़ जाती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि वंदे भारत जैसी नई ट्रेनें तो ठीक हैं, लेकिन सामान्य ट्रेनों में बुकिंग सिस्टम और अतिरिक्त बोगियां बढ़ाने की जरूरत है। अभी तक रेलवे की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह मामला सफाई, डिसिप्लिन और पैसेंजर बिहेवियर पर बहस छेड़ रहा है। सवाल यह है कि क्या यह वीडियो कुछ बदलाव लाएगा ?