
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर पश्चिमी देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नाटो और यूरोपीय संघ वाले पश्चिमी देश रूस के साथ खुलेआम युद्ध की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन खुद को बचाने के लिए यह झूठ फैला रहे हैं कि उन्हें रूस से खतरा है।
पुतिन ने कहा कि यह पश्चिमी देशों की पुरानी चाल है, पहले खुद खतरा पैदा करो, फिर दूसरों पर दोष मढ़ो। पुतिन ने आरोप लगाया कि पश्चिमी देश पहले रूस के लिए खतरा खड़ा करता है। जब रूस अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाता है तो उसी को आक्रामक बताकर अपनी सैन्य बढ़ोतरी को जायज ठहराते हैं।
पुतिन ने कहा- यह बहुत आसान योजना है। वे हम पर खतरा बनाते हैं, हम अपनी रक्षा करते हैं तो फिर वे हमें सारे गुनाहों का जिम्मेदार ठहराते हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी याद दिलाया कि इतिहास गवाह है। 22 जून 1941 को हिटलर की जर्मनी ने सोवियत संघ पर अचानक हमला किया था।
उन्होंने आगे कहा कि फिर भी पश्चिमी देश सोवियत संघ और स्टालिन पर ही आक्रामक होने का आरोप लगाते थे। पुतिन ने कहा कि आज भी वही पुरानी कहानी दोहराई जा रही है।
पुतिन ने बताया कि पश्चिमी नेता अपने लोगों से सैन्य बजट बढ़ाने के लिए रूसी खतरे का डर दिखा रहे हैं। नाटो देश खुलकर रूस के खिलाफ युद्ध की बात कर रहे हैं। लेकिन असल में वे खुद आक्रामक नीति चला रहे हैं।
रूस के राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि रूस कभी भी अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। अगर पश्चिम हम पर दबाव डालता है तो हम भी जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने साफ किया कि रूस शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
पुतिन ने यह भी बताया कि रूस अपनी सेना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाकर पश्चिमी दबाव का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि झूठे आरोपों से रूस नहीं डरेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन संकट के चलते रूस और पश्चिम के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। पुतिन का यह भाषण एक और जंग की ओर इशारा करता है।