
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध नौवें दिन भी जारी है। रूसी सेना लगातार यूक्रेन पर हमले बढ़ा रही है। यूक्रेन के कई बड़े शहरों में अब इमारतें खंडहर बनती देखी जा सकती हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। रूसी जहाजों ने यूक्रेन की समुद्री सेना को भी घेर रखा है और क्रूज मिसाइल से यूक्रेन के शहरों पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। जंग के इन हालातों के बीच भी यूक्रेन के राष्ट्रपति ने अपना हौसला नहीं खोया और रूस के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने मजाकिया अंदाज में रूसी राष्ट्रपति से एक खास अपील की है।
जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा है कि, मैं आपका पड़ोसी हूं, मैं काटता नहीं हूं, मेरे साथ बैठो और बात करो। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पुतिन को टेबल पर बैठकर बात करने की चुनौती दी है।
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किस बात का डर?
मीडिया से बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति का एक और अंदाज देखने को मिला। उन्होंने मजाकिया लहजे में रूसी राष्ट्रपति को एक चुनौती दी। जेलेंस्की ने कहा कि पुतिन बात करने से क्यों डर रहे हैं? उन्हें किस बात का डर है?
जेलेंस्की ने कहा, मैं पड़ोसी हूं, मैं काटता नहीं हूं। मैं एक सामान्य आदमी हूं, पुतिन को बैठकर मेरे साथ बात करनी चाहिए।
पश्चिमी देशों से मांगे और हथियार
रूस के सा जंग के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से भी खास अपील की है। दरअसल जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से जंग के बीच उन्हें और हथियार देने की मांग की है। ताकि रूस के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
इसके साथ ही जेलेंस्की ने पश्चिमी नेताओं से अपील की कि वे यूक्रेन के आसपास के इलाकों को नो-फ्लाई जोन घोषित करें, जिससे यूक्रेन पर की जा रही रूसी बमबारी रुक जाए।
30 मीटर लंबी टेबल पर भी कसा तंज
जेलेंस्की ने वैश्विक नेताओं के साथ पुतिन की पिछली मुलाकातों का भी जिक्र किया। उन्होंने 30 मीटर लंबी टेबल पर बात करने पर तंज कसा और कहा कि, मैं इस तरह पुतिन से बात नहीं कर सकता।' दरअसल पिछले दिनों यूक्रेन पर हमले से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुअल सहित कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की थी। बैठकों के दौरान एक लंबी सी टेबल देखी गई थी।
पुतिन ने वैश्विक नेताओं से इस टेबल पर बैठकर ही बातचीत की थी। करीब 30 मीटर लंबी टेबल के एक छोर पर पुतिन बैठे थे तो दूसरी तरफ मुलाकात के लिए आने वाले वैश्विक नेता को बैठाया जाता था।
अब तक बेनतीजा रही बातचीत
दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी है, लेकिन अब तक ये बेनतीजा ही साबित हुई है। मौजूदा हालातों को देखकर बातचीत से उम्मीद की कोई किरण निकलती दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि, इसके बाद भी जेलेंस्की ने बातचीत पर जोर दिया।
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