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अमेरिका आखिर ईरान से चाहता क्या है? राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का जानिए मकसद, कौन कितना ताकतवर…समझिए युद्ध के पीछे की गणित

US-Iran Conflict: शनिवार को अमेरिका और इजरायल के ताबड़तोड़ हमलों से ईरान दहल उठा। तेहरान, इस्फहान, कोम, करज और तबरीज जैसे शहरों में 200 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों लड़ाकू विमान, टॉमहॉक मिसाइलों और बंकर-बस्टर बमों ने तबाही मचाई।

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Mar 01, 2026
फोटो में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड चैट GPT)

Middle East Tension: पूरे मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा हुआ है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जोरदार हमला किया। मिसाइलों और बंकर-बस्टर बमों ने भारी तबाही मचाई। ईरान में सैकड़ों लोगों की मारे जाने की खबर है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अमेरिका ऐसा क्या चाहता है?

दरअसल, अमेरिका ईरान में तख्तापलट के लिए पूरी लीडरशिप को खत्म करना चाहता है। इनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का नाम प्रमुख है। इसके अलावा ईरान सर्वोच्च परिषद के सचिव अली लारिजानी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कमांडर अहमद वाहिदी, खामेनेई के शीर्ष सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी, पूर्व राष्ट्रपति अहमदीनेजाद और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी अमेरिका के निशाने पर हैं।

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दमनकारी शासन का अंत जरूरी : ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा, हमारा लक्ष्य ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करना और वहां की जनता को खामेनेई के दमनकारी शासन से आजाद कराना है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान की सैन्य कमर टूट नहीं जाती। उन्होंने ईरानी सेना को हथियार डालने की चेतावनी भी दी।

ताजा जानकारी के मुताबिक, व्हाइट हाउस ने हाल ही में ट्वीट किया, जिसमें लिखा है- "राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप ईरान में अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन्स पर नज़र रख रहे हैं: ऑपरेशन एपिक फ्यूरी, 28 फरवरी, 2026।"

मानवता के दुश्मन के खिलाफ जंग: नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, यह मानवता के दुश्मन के खिलाफ एक अस्तित्व की लड़ाई है। हमने ईरान के उन हाथों को काट दिया है जो इजरायल के विनाश का सपना देखते थे। अब ईरानी जनता के पास अपनी नियति बदलने का मौका है।

भारत की दुविधा

भारत की विदेश नीति के सामने एक कठिन चुनौती है। एक ओर इजरायल के रूप में भारत का भरोसेमंद रक्षा सहयोगी है तो दूसरी ओर ईरान, भारत की तेल जरूरतों और चाबहार बंदरगाह जैसे अहम प्रोजेक्ट के लिए जरूरी है। इसके अलावा हॉमुर्ज जलडमरूमध्य से भी भारत का काफी कच्चा तेल आता है, जो ईरान के नियंत्रण में है।

अमरीका, इजरायल और ईरान में कौन कितना ताकतवर

श्रेणीअमरीका (USA)इजरायल (Israel)ईरान (Iran)
सैन्य बजट (बिलियन USD)997197.4
सैन्य विमान (Military Aircraft)13,043600550
नौसेनिक पोत (Naval Vessels)44060220
एयरक्राफ्ट कैरियर1100
सक्रिय सैनिक (Active Personnel)13 लाख1.70 लाख6.10 लाख

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