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अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई सुरक्षित हैं या नहीं? इजराइली पीएम नेतन्याहू का बड़ा बयान आया सामने, ईरानी राजदूत ने भी की पुष्टि

Iran-Israel War: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जारी युद्ध के बीच कहा कि ऐसे कई संकेत मिले थे, जिससे लगा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अब नहीं रहे…
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भारत

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Saurabh Mall

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Updated: 1 Mar 2026, 2:09 AM IST

Iran Israel conflict

बाएं तरफ से फोटो में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई। ईरान के राजदूत। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (इमेज सोर्स: पत्रिका डॉट कॉम)

Middle-East Escalation: ईरान और इजरायल के बीच जारी हमलों ने पूरे मिडिल ईस्ट में उथल-पुथल मचा दिया है। ताजा हालात ने दुनियाभर में नागरिकों की शांति और सुरक्षा को लेकर एक नई चिंता पैदा कर दी है। इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को लेकर बड़ी बात कही।

जारी युद्ध के बीच उन्होंने कहा कि ऐसे कई संकेत मिले थे, जिससे लगा कि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई अब नहीं रहे, लेकिन उन्होंने उनकी मौत की सीधी पुष्टि नहीं की। नेतन्याहू के मुताबिक, खामेनेई का कंपाउंड तबाह हो गया था और ईरान के कई बड़े सैन्य अधिकारी, जिनमें रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर और वरिष्ठ परमाणु अधिकारी मारे गए थे।

ईरानी राजदूत: सर्वोच्च नेता खामेनेई और राष्ट्रपति पेजेशकियन सुरक्षित

ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहली ने बताया कि अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को जो बड़े हमले किए, उनमें सैकड़ों निर्दोष ईरानी नागरिक मारे गए। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है।

न्यूज एजेंसी (आईएएनएस) को दिए इंटरव्यू में फतहली ने कहा कि यह हमला ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय पर हुए हमले में 50 से ज्यादा स्कूली लड़कियों की मौत हो गई।

राजदूत ने कहा, “ईरान ने कभी युद्ध की शुरुआत नहीं की, न ही हम युद्ध चाहते हैं। लेकिन अगर कोई देश हमला करता है, तो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत हमें आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। हम अपनी सुरक्षा के लिए सख्त और उचित जवाब देंगे। आगे हालात बिगड़ते हैं तो उसकी जिम्मेदारी हमलावर देशों की होगी।”

सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति कार्यालय पर हमले की खबरों को लेकर उन्होंने दोबारा कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं।

ईरानी राजदूत ने दी चेतावनी

ईरान के राजदूत ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बातचीत की बजाय हमला करने का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा, “जब दूसरा पक्ष युद्ध की भाषा में बात करता है, तो जवाब भी उसी तरह दिया जाएगा। ईरान आत्मरक्षा के तहत ऐसा कड़ा और दर्दनाक जवाब देगा, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बदल सकती है।”

फारस की खाड़ी के दूसरे देशों में हुए धमाकों पर उन्होंने साफ कहा कि ईरान ने किसी भी पड़ोसी देश पर हमला नहीं किया है। राजदूत ने चेतावनी दी कि अगर ईरान की जमीन पर हमला किया गया, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ईरान के लिए वैध लक्ष्य माने जाएंगे। साथ ही उन्होंने क्षेत्र के देशों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न होने दें।

उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान का मकसद युद्ध को बढ़ाना नहीं है। उसका लक्ष्य सिर्फ आगे की आक्रामकता को रोकना और अपनी सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है।