next supreme leader of iran: ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम लीडर का चुनाव करने वाली 80 विद्वानों की समिति ने अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोज्तबा के नाम पर मुहर लगा दी है।
Iran Supreme Leader: इजरायल और अमेरिका के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर का पद खाली हो गया। हालांकि अब देश को अपना सर्वोच्च नेता मिल गया है। अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा अली खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम लीडर का चुनाव करने वाली 80 विद्वानों की समिति ने अयातुल्ला खामेनेई के बेटे मोज्तबा के नाम पर मुहर लगा दी है।
बताया जा रहा है कि उनके चयन में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दबाव था। हालांकि इस फैसले के बाद सवाल भी उठ रहे हैं। ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक अक्सर वंशवादी राजनीति की आलोचना करती रही है और खुद को एक न्यायसंगत प्रणाली बताती रही है। बताया जाता है कि अली खामेनेई ने पिछले साल संभावित उत्तराधिकारियों की जो सूची तैयार की थी, उसमें मोजतबा का नाम शामिल नहीं था। शिया मुस्लिम धर्मगुरुओं के बीच भी पिता से बेटे को सत्ता हस्तांतरण को सकारात्मक नजर से नहीं देखा जाता।
मोज्तबा खामेनेई का जन्म 1969 में ईरान के मशहद शहर में हुआ था। उनका बचपन उस दौर में बीता जब उनके पिता शाह के खिलाफ विरोध आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। वे अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं।
मोज्तबा खामेनेई कोई वरिष्ठ धर्मगुरु नहीं हैं। उन्होंने कभी कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला और न ही सरकार में उनकी कोई औपचारिक भूमिका रही है। इसके बावजूद माना जाता है कि पर्दे के पीछे उनकी अच्छी-खासी पकड़ रही है।
उनके ईरान के अर्धसैनिक बल IRGC से करीबी संबंध बताए जाते हैं। ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने ईरानी सशस्त्र बलों में सेवा भी दी थी।
वहीं रिपोर्ट के अनुसार, हालिया हमलों में खामेनेई परिवार के कई सदस्य मारे गए, जबकि मोज्तबा उन परिवारजनों में शामिल हैं जो जीवित बचे हैं। साल 2019 में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मोजतबा पर प्रतिबंध लगाए थे।