
Xi Jinping Modi Meeting: भारत और चीन के बीच संबंधों को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मलेन 2026 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शनिवार को द्विपक्षीय मुलाकात होनी है। इससे पहले भारत में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करेगा। दोनों देश अपने मतभेदों को सही तरीके से सुलझाएंगे और अच्छे पड़ोसी बने रहेंगे।
चीनी राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के मार्गदर्शन में चीन भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। दोनों देशों के रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखा जाना चाहिए। इसके लिए बातचीत और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन को अपने मतभेदों को सही तरीके से संभालना चाहिए। साथ ही दोनों देशों को ऐसे पड़ोसी और साझेदार बनना चाहिए, जो एक-दूसरे की सफलता में मदद करें।
चीनी राजदूत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच यह लगातार तीसरे साल होने वाली मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों नेता कजान और तियानजिन में मिल चुके हैं। शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंच रहे हैं। वह यहां 12 और 13 सितंबर को होने वाले अठारहवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
शी जिनपिंग की भारत यात्रा करीब सात साल बाद हो रही है। उनकी पिछली भारत यात्रा 2019 में हुई थी। तब उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ महाबलीपुरम में अनौपचारिक बैठक की थी। इससे पहले 2016 में वह गोवा में हुए ब्रिक्स सम्मेलन में भी शामिल हुए थे। भारत और चीन के रिश्तों में 2020 के गलवान संघर्ष के बाद तनाव बढ़ गया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सीमा विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर बातचीत प्रभावित रही। अब दोनों पक्ष रिश्तों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मोदी और शी की बैठक को दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है। बातचीत में सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ व्यापार, आपसी सहयोग और रिश्तों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हो सकती है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि दोनों देशों को बातचीत और सहयोग बढ़ाना चाहिए। साथ ही मतभेदों को उचित तरीके से संभालना चाहिए।