
ईरान युद्ध के बीच भारतीय क्रू वाले 3 विदेशी जहाजों पर हमला (फोटो सोर्स-@Madhurendra13)
Iran War: मिडिल ईस्ट और ईरान क्षेत्र में बढ़ता युद्ध अब समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी के आसपास के इलाकों में भारतीय क्रू सदस्यों को ले जा रहे तीन विदेशी झंडे वाले जहाजों पर हमले की खबर सामने आई है। राहत की बात यह है कि इन तीनों जहाजों पर सवार सभी भारतीय क्रू सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी लोकेशन का पता लगा लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटनाएं 8 और 9 सितंबर के बीच हुई हैं।
जिम्बाब्वे के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर रिस्को पर 8 सितंबर की रात करीब 11 बजे ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना बलों की कार्रवाई की चपेट में आने की बात सामने आई है। हालांकि, मौजूदा सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्रू सदस्यों ने समय रहते जहाज को खाली कर दिया था। जहाज पर मौजूद सभी 21 भारतीय क्रू सदस्य ईरान के एक बंदरगाह में सुरक्षित जगह पर पहुंच गए हैं।
पलाऊ के झंडे वाले LPG कैरियर होराइजन 1 पर 8 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे खोर फक्कान के पास हमला हुआ। जहाज के प्रबंधन ने पुष्टि की है कि इस पर सवार सभी 16 क्रू सदस्यों (जिनमें 14 भारतीय और 2 जॉर्जियाई नागरिक शामिल हैं) को पास से गुजर रहे एक अन्य जहाज ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।
लाइबेरिया के झंडे वाले कच्चे तेल के टैंकर मर्सिन प्रॉस्पेरिटी पर 9 सितंबर को फुजैराह के पास एक मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ। इस जहाज पर 7 भारतीय नाविक सवार थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज का पूरा क्रू पूरी तरह सुरक्षित है और सभी से संपर्क स्थापित कर लिया गया है।
मिडिल ईस्ट में लगातार बिगड़ते हालात के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी का इलाका बेहद संवेदनशील हो चुका है। आंकड़ों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में भारत से जुड़े 14 जहाज (6 भारतीय झंडे वाले और 8 विदेशी झंडे वाले) मौजूद हैं, जिन पर 173 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं भारतीय झंडे वाले और भारत आ रहे 10 जहाजों को आपातकालीन निकासी सूची में रखा किया गया है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब से मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू हुआ है, तब से समुद्री रास्तों पर भारतीय जहाजों और भारतीय क्रू वाले विदेशी जहाजों से जुड़ी कुल 54 घटनाएं (4 भारतीय और 50 विदेशी जहाज) दर्ज की जा चुकी हैं। इन गंभीर हमलों और हादसों में अब तक 9 नाविकों की जान जा चुकी है, 12 लोग घायल हुए हैं और 1 नाविक के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन और नौवहन मंत्रालय लगातार अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और जहाजों के प्रबंधन के संपर्क में हैं ताकि समुद्री रास्तों पर फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी की जा सकें।
Updated on:
12 Sept 2026 09:18 am
Published on:
12 Sept 2026 08:57 am
