
Mantras Of Hanumanji: मान्यता के अनुसार हनुमानजी को उग्रता, प्रमाद और लापरवाही पसंद नहीं होती, इसलिए सावधानी आवश्यक है। इसलिए हनुमानजी के मंत्र जाप से हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है और हर कष्ट दूर होता है। हनुमान जयंती और मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में यथासंभव पूजन करें और नैवेद्य अर्पित करें, इससे बजरंग बली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
घर पर हनुमानजी का कोई भी चित्र लाल कपड़े पर रखकर पूजन करें और पूजन में चंदन, सिंदूर, अक्षत, कनेर, गुड़हल और गुलाब का फूल अर्पित करें। इसके साथ नैवेद्य में मालपुआ, बेसन के लड्डू आदि लें तब आरती कर संकल्प लेकर मंत्र जप करें।
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धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, प्राचीन काल में अंजना एक अप्सरा थीं, एक श्राप के कारण पृथ्वी पर जन्म लिया और यह श्राप उनपर तभी हट सकता था जब वे एक संतान को जन्म देतीं। वाल्मीकि रामायण के अनुसार अंजना की केसरी से विवाह हुआ और कालांतर में श्री हनुमान जी का जन्म हुआ। केसरी सुमेरू के राजा थे और बृहस्पति के पुत्र थे। अंजना ने संतान प्राप्ति के लिए 12 वर्षों की भगवान शिव की घोर तपस्या की और परिणाम स्वरूप उन्होंने संतान के रूप में हनुमानजी को प्राप्त किया। ऐसा विश्वास है कि हनुमानजी भगवान शिव के ही अवतार हैं।