
sukhbir singh badal
चंडीगढ़। गुरू की नगरी अमृतसर को तीन और चार दिसंबर, 2016 को होने वाली हार्ट ऑफ एशिया-इस्तंबोल प्रक्रिया की 6वीं मनीस्टिरयल कान्फ्रेंस की मेज़बानी का सौभाग्य मिलने से आज इसकी प्राप्तियों में एक और मील पत्थर जुड़ गया है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह से इस कान्फ्रेंस की मेज़बानी और अन्य तैयारियों संबंधी बैठक करने के बाद, उपमुख्यमंत्री पंजाब स. सुखबीर सिंह बादल ने उक्त प्रगटावा करते हहुये बताया कि इस कान्फ्रेंस में हार्ट ऑफ एशिया के सहायक देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के 40 विदेश मंत्रीयों सहित कई अह्म शख्शीयतें शामिल होंगी।
अधिक जानकारी देते हुये उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अमृतसर की इस ऐतिहासिक कान्फ्रेंस की मेज़बानी करने के लिए चयन होने के बाद, पंजाब के अक्स को जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूती मिलेगी वहीं विश्व के मानचित्र पर पर्यटन और मेज़बानी प्रबंधन में विलक्षण पहचान भी मिलेगी।
उन्होंने कहा कि अमृतसर के लिए अपने अमीर और गौरवशाली विरसे-भरावां दे ढाबे से अमृतसर साहिब तक की सडक़ को दी गई विरासती स्वरूप, दरबार साहिब के आगे बनाये गये प्लाजा, पंजाब के कुर्बानियों भरे स्वतंत्रता इतिहास के गवाह जलियांवाला बाग, पवित्र तीर्थ दुर्गयाणा मंदिर एवं रामतीर्थ मंदिर को इन अंतरराष्ट्रीय शख्शीयतों को दिखाने का यह बहुत ही उचित अवसर होगा।
बादल ने आगे कहा कि पंजाब को मिले अंतरराष्ट्रीय देशों के विदेश मंत्रीयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के इस मौके को सफल और यादगारी बनाने मे कोई भी कसर शेष नही रखी जायेगी और इस विशाल कान्फ्रें स के लिए हर प्रकार की तैयारियां अब से ही आरंभ कर दी गई है। उन्होंने बताया कि वह निजी तौर पर 28 नवंबर को इन तैयारियों की समीक्षा करेंगे तथा किसी भी प्रकार की ढील सहन नही की जायेगी।
Published on:
20 Nov 2016 05:46 pm
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