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Amroha: स्टाफ नर्स को पहले बताया कोरोना संक्रमित, जब भर्ती होने गयी तो बताया निगेटिव

Highlights -29 अप्रैल को मेरठ मेडिकल कॉलेज में कराई थी जांच -अमरोहा में स्टाफ कर्मी आया था पॉजिटिव -मिस प्रिंट होने की वजह से निगेटिव हो गया था पॉजिटिव -अमरोहा प्रशासन ने ली राहत की सांस

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अमरोहा: कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकारी तंत्र में कई खामियां देखने को मिल रहीं हैं। जी हां ऐसी ही एक खामी से जनपद में स्वास्थ्य महकमे से लेकर नर्स के परिवार में हड़कंप मच गया। जी हां यहां कार्यरत एक स्टाफ नर्स ने जब अपना परिक्षण मेरठ मेडिकल कॉलेज में कराया तो उसे जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव बताया गया था। लेकिन शुक्रवार को कॉलेज ने प्रिंटिंग की गलती मान अपना पल्ला झाड़ लिया। फ़िलहाल परिजनों और अस्पताल स्टाफ ने अब राहत की सांस ली है।

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मेरठ से करती हैं ड्यूटी
यहां बता दें कि मेरठ के इंदिरा नगर ब्रह्मपुरी निवासी सुरभि शर्मा पत्नी राजन शर्मा जिला अस्पताल अमरोहा में स्टाफ नर्स है। वह रोजाना मेरठ से आती-जाती हैं। सुरभि के मुताबिक 24 अप्रैल को वह ड्यूटी करके मेरठ घर लौटी थी। इस बीच जिला अस्पताल अमरोहा का एक स्वास्थ्यकर्मी कोरोना पॉजिटिव मिला। एहतियात के तौर पर सुरभि ने 29 अप्रैल को मेरठ मेडिकल कॉलेज में अपना सैंपल कराया। गुरुवार रात करीब दस बजे उनके पति के मोबाइल पर मेडिकल कालेज से कॉल आई कि उनकी पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वह पति के साथ मेडिकल कालेज पहुंची।

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नहीं मिले सिमटम
पति राजन ने बताया कि डाक्टरों ने कहा आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाना था। लेकिन डाक्टरों ने उन्हें आइसोलेशन वार्ड में जाने से रोक दिया। पति राजन के मुताबिक डाक्टरों ने कहा, सुरभि में सिमटम नहीं मिले हैं। उनकी दोबारा जांच की जाएगी। इसके बाद दोनों को घर भेज दिया गया। तीन साल की बेटी और परिवार के सात सदस्यों ने कैसे रात काटी यह वही बता सकते हैं। राजन ने इसे मेडिकल कालेज की घोर लापरवाही बताया है।

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झाड़ा पल्ला
उधर मेरठ मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डा. धीरज बालियान ने यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि हार्ड कॉपी पर मिस प्रिंटिंग के कारण गलतफहमी हो गई, लेकिन मेल की रिपोर्ट से स्थिति साफ है। वहीँ अब रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अमरोहा प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।