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मासूम बेटे की गला दबाकर हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद, मासूम रिहान को 3 लाख में बेचना चाहता था पिता

Amroha News: मासूम बेटे की हत्या में पिता को पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। आरोपी पिता एक साल के बेटे को बेचना चाहता था, जबकि पत्नी विरोध कर रही थी। तैश में आकर आरोपी ने मासूम का गला दबाकर मारडाला था।

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Life imprisonment to father who strangled his innocent son to death in Amroha

Amroha News

Amroha News Today: यूपी के अमरोहा में मासूम बेटे की हत्या में पिता को पॉक्सो एक्ट कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। आरोपी पिता एक साल के बेटे को बेचना चाहता था, जबकि पत्नी विरोध कर रही थी। तैश में आकर आरोपी ने मासूम का गला दबाकर मारडाला था।

वारदात के बाद से दोषी जेल में था, जमानत मंजूर नहीं हो सकी थी। 27 जुलाई 2021 की वारदात मंडी धनौरा के मोहल्ला का कंचन बाजार की है। यहां शमशाद अहमद का परिवार का रहता है। इस दिन उनके एक वर्षीय पोते रिहान की घर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। थाना पुलिस ने मासूम का शव पोस्टमार्टम को भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रिहान की गला दबाकर हत्या करने की पुष्टि हुई थी। पूछताछ में पुत्रवधू नजराना ने बेटे की हत्या का राज खोल दिया था।

जांच में पिता नौशाद के हाथ ही मासूम बेटे के खून से सने हुए निकले थे। आवारगी से जुड़े अपने शौक पूरे करने के लिए घर का सारा सामान बेच चुका नौशाद आखिर में अपने मासूम बेटे रिहान को तीन लाख रुपये में बेचने की फिराक में था। नजराना इसका विरोध कर रही थी। इसी बात को लेकर परिवार में आए दिन होने वाले झगड़े के दौरान नौशाद ने रिहान को जिंदा नहीं छोड़ने की धमकी दी थी।

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वारदात वाले दिन नजराना किसी काम से पड़ोस में गई हुई थी थोड़ी देर में वह वापस लौटी तो आंखों के सामने का मंजर देख उसकी रूह कांप उठी। रिहान को गोद में लिए बैठा नौशाद उसका गला दबा रहा था। नजराना ने बेटे को छुड़ाने की काफी कोशिश की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के दादा शमशाद अहमद की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने हत्यारोपी नौशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

केस की सुनवाई अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश ईश्वर सिंह (पॉक्सो एक्ट कोर्ट तृतीय) में विचाराधीन थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने मजबूत पैरवी की। बुधवार को कोर्ट में केस की आखिरी सुनवाई हुई। पत्रावली का अवलोकन करने के अलावा साक्ष्य पर कोर्ट ने नौशाद को दोषी करार दिया। उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 30 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।