
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत शुरू हो गई है। यूपी में भी राजनीतिक पार्टियों में सरगरमी देखी जा रही है। लेकिन 80 लोकसभा वाले सीट वाले प्रदेश में अमरोहा एक ऐसी सीट है, जहां आज तक किसी भी पार्टी का दबदाबा कायम नहीं हो सका। इस जिले को सियासतदानों को अपने इशारे पर नचाने का शौक ऐसा है कि पिछले चार दशक से जनता हर चुनाव में अपना नुमाइंदा बदल रही है।
इस बार लोकसभा चुनाव 2024 में भी पक्ष-विपक्ष की उम्मीदें इसी सियासी सीट पर टिकी हैं। हालांकि, 40 साल से यहां कांग्रेस और 28 साल से सपा इस सीट पर जीत हासिल नहीं कर सकी है। बसपा को दो बार जीत मिली है। भाजपा की लहर के मुकाबले अब सपा-कांग्रेस के सामने कोर वोटरों के साथ नई पूंजी जोड़ने की चुनौती है।
मोदी लहर में 2014 में हुए चुनाव में भाजपा ने यहां से दिल्ली के अरबपति प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर को उतारा था और सपा से तत्कालीन मंत्री कमाल अख्तर की पत्नी को, जबकि बसपा ने फरहत हसन को टिकट दिया। सपा-बसपा में वोट बंटे और 16 वर्ष के अंतर के बाद 1.58 लाख वोटों के अंतर से भाजपा ने जीत हासिल की।
2019 में सपा-बसपा ने हाथ मिलाया। अमरोहा सीट बसपा के खाते में गई और जनता ने फिर बसपा से दानिश अली को अपना सांसद चुना। दानिश अली यहां से सांसद हैं, लेकिन अभी कुछ महीने पहले ही मायावती ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया। ऐसे में इस बार के चुनाव में नजरें टिकी हुई हैं। 2024 के चुनाव के लिए बीजेपी ने फिर से कंवर सिंह तंवर पर भरोसा जताया है तो INDIA गठबंधन की ओर से अभी उम्मीदवार नहीं उतारा गया है।
राज्य सरकार ने 15 अप्रैल 1997 को अमरोहा के रूप में नया जिला बनाया। पहले इसमें 3 तहसीलें अमरोहा, धनौरा, और हसनपुर शामिल की गईं। लेकिन अब इसमें तहसील नौगावां सादात को भी शामिल कर लिया गया है। इससे जिले में कुल 4 तहसील हो गए हैं। अमरोहा संसदीय सीट के तहत 4 विधानसभा सीटें आती हैं, जिसमें धनौरा, नौगावां सादात, अमरोहा और हसनपुर शामिल हैं। इसमें धनौरा सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में 4 सीटों में से 2 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी तो 2 सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी। विधानसभा चुनाव में सपा और बसपा अलग-अलग चुनाव लड़े थे।
अमरोहा की कुल आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 1,840,221 है। इसमें हिंदू 58.44% हैं, जबकि 41 फीसदी लोग मुस्लिम समाज के हैं। मुस्लिम समाज के अलावा दलित, सैनी और जाट बिरादरी के वोटर्स अहम भूमिका में हैं।
Updated on:
17 Mar 2024 12:41 pm
Published on:
17 Mar 2024 12:40 pm

बड़ी खबरें
View Allअमरोहा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
