
कर्नाटक से आकर अमरोहा में बसपा प्रत्याशी ने बनाई सबसे बड़ी बढ़त, भाजपा नेता की खिसकी जमीन
अमरोहा. उत्तर प्रदेश के अमरोहा सीट पर शुरु से ही एकतरफा मुकाबला चल रहा है। मतगणना शुरू होने के साथ ही पशिचमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा सीट से गठबंधन की ओर से बसपा के दानिश अली 522618 मतों के साथ आगे चल रहे हैं। वह अब तक किसी भी राउंड में पीछे नहीं हुए हैं। यहां उनका मुकाबला भाजपा के कंवर सिंह तंवर से है। वहीं, कांग्रेस से सचिन चौधरी अपनी वजूद की लड़ाई लड़ते नजर आ रहे हैं। भाजपा के कंवर सिंह तवर 455081 मतों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबिक कांग्रेस से सचिन चौधरी 11116 मतों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। खास बात ये है कि बसपा के कुंवर दानिश अली इससे पहले जनता दल सेक्यूलर के साथ कर्नाटक में राजनीति कर रहे थे। उन्होंने एेन वक्त पर बसपा का दामन थामकर यूपी की राजनीति में एट्री मारी और अब सबसे बड़ी जीत की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। गौरतलब है कि इस बार यूपी में गठबंधन होने से पश्चिमी यूपी में दलित, जाट और मुस्लिम वोटों के एक साथ आने से गठबंधन प्रत्याशियों की स्थिती काफी मजबूत बनी हुई है। गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर को छोड़कर रामपुर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, नगीना, बागपत, मुजफ्फरनगर, कैराना और सहारनपुर जैसी सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी पीछे चल रहे हैं।
शाम 4.15 बजे तक की स्थित
बसपा के दानिश अली-522618
भजपा के कंवर सिंह तंवर- 455081
कांग्रेस के सचिन चौधरी-11116
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ऐतिहासिक तौर पर यूं तो इस सीट पर कभी किसी एक दल का दबदबा नहीं रहा। इस सीट की जमता ने लगभग सभी दलों के नेताओं को जिताकर संसद तक पहुंचाने का काम किया है। 1957 में यह लोकसभा सीट वजूद में आने के बाद से अब तक यहां सबसे ज्यादा कांग्रेस और भाजपा को तीन-तीन पर जीत का स्वाद चखने को मिला। लेकिन पिछले चुनाव के आंकड़े पर नजर डाले तो गठबंधन के बाद भी भाजपा के वर्तमान सांसद और प्रत्याशी कंवर सिंह तंवर एक मजबूत दावेदार नजर आते हैं। हालांकि, गठबंधन की वजह से उन्हें इस बार हार का सामना करना पड़ सकता है।
यूं तो यह सीट मुस्लिम बाहुल्य है। लेकिन, यहां जाट समाज भी बड़ी तादाद में हैं। चुनाव परिणाम का रुख बदलने में उनकी भी खास भूमिका रहती है। इस बार अमरोहा लोकसभा सीट से वैसे तो चुनावी मैदान में 15 कैंडिडेट हैं, लेकिन भाजपा के मौजूदा सांसद कंवर सिंह तंवर, बीएसपी के कुंवर दानिश अली और कांग्रेस के युवा चेहरे सचिन चौधरी पर खासा नजर है। गठबंधन होने से जहां दानिश अली कड़ी टक्कर दे रहे हैं। दरअसल, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में अमरोहा सीट से भाजपा के उम्मीदवार कंवर सिंह तंवर विजयी रहे थे। तब बसपा दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में मोदी लहर के बीच कंवर सिंह तंवर को 48.3 फीसदी वोट मिले थे। इसके अलावा एसपी उम्मीदवार हुमैरा अख्तर को 33.8 फीसदी वोटों से संतोष करना पड़ा था। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की उम्मीदवार फरहत हसन को 14.9 फीसदी मतदाताओं का साथ मिला था। ऐसे में इन आंकड़ों पर नजर डाले तो इस बार सपा और बसपा के वोट जुड़ने से कड़ी टक्कर मिलने के आसार हैं। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से सचिन चौधरी को चुनाव मैदान में उतारने से भाजपा के जाट वोट कटने के संकेत भी है। इसके अलावा इस बार वैसी मोदी लहर नहीं है, जेसा कि 2014 में देखने को मिला था। ऐसे में अगर सपा और बसपा के वोट दानिश अली के खाते में जाते हैं तो वे इस बार बाजी मार सकते हैं। लेकिन भाजपा के पुराने आंकड़े बताते हैं की जीत आसान नहीं होगी। अगर हुई भी तो बहुत कम अंतरों से ही होगी।
Published on:
23 May 2019 12:36 pm
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