
अटल अमर रहे से गंूजा नगर: अटलजी के अस्थि कलश का दर्शन करने उमड़ा जनसैलाब
अमरकंटक से आरम्भ हुई यात्रा में हजारों लोगों ने जगह जगह दी श्रद्धाजंलि
अनूपपुर। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरू। लौटकर आऊंगा कूच से क्यों डरू?...भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के १६ अगस्त को हुए निधन तथा उनके अस्थियों को देश की प्रमुख नदियों में विसर्जन के साथ आमलोगों के दर्शन के लिए निकाली गई अस्थि कलश यात्रा गुरूवार २३ अगस्त की रात अनूपपुर जिला पहुंची। रात ११.३० बजे अस्थि कलश जिले की पवित्रनगरी अमरकंटक की पावन धरती पर पहुंची, जहां अस्थि कलश को अमरकंटक नगरपरिषद हॉल में रात्रि विश्राम के लिए रखा गया। जबकि शुक्रवार की सुबह ८ बजे से आमलोगों के दर्शन के लिए रखा गया। पूर्व प्रधानमंत्री के अस्थि कलश के नगर आगमन की सूचना पर अमरकंटकवासियों ने उनकी अस्थि कलश पर पुष्पाजंलि अर्पित कर श्रद्धासुमन व्यक्त की। इस मौके पर नर्मदा मंदिर परिसर के पुजारीगणों ने मंत्रोच्चारण करते हुए आत्मा की शांति आह्वन कर अस्थि कलश यात्रा को नगर से विदाई दी। जिसके बाद कलश यात्रा का जत्था सुबह ११.३० बजे राजेन्द्रग्राम पहुंचा, जहां स्वसहायता भवन में अस्थि कलश को रखा गया। इस दौरान राजेन्द्रग्राम सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने भारत के प्रखर राजनीति वक्ता, पत्रकार, लेखक तथा भारतीय राजनीतिक के शुभचिंतक और देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को नमन करते हुए पुष्पाजंलि अर्पित की तथा आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। राजेन्द्रग्राम से रवाना हुआ अस्थि कलश यात्रा दोपहर १ बजे अनूपपुर जिला मुख्यालय के इंदिरा तिराहा चौक पहुंचा। जहां इंदिरा तिराहा पर आयोजित विशेष सभा स्थल पर रखी गई अस्थि कलश को नगरवासियों, सर्वदलीय राजनीति पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। चौराहे पर लगभग ३० मिनट तक अस्थि कलश को रखा गया। जहां स्कूली बच्चों ने भी अपने प्रिय अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद अस्थि कलश अमलाई शहडोल के लिए रवाना हुआ, जहां चचाई से गुजरते अस्थि कलश यात्रा को सडक़ किनारे दोनो छोर पर खड़े होकर पुष्पवर्षा कर नम आंखों से श्रद्धाजंलि दी। अनूपपुर नगर से अस्थि कलश की रवानगी के दौरान नगरवासियों ने अस्थि कलश वाहन के साथ चंद कदम साथ चलते हुए जबतक सूरज चांद रहेगा अटल तेरा नाम रहेगा। अटल बिहारी अमर रहे जैसे गगनभेदी नारे लगाकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आयोजित कलश यात्रा श्रद्धांजलि के दौरान हजारो लोगो ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। इससे पूर्व विशेष आमसभा को सम्बोधित करते हुए भाजपाई वक्ताओं ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जीवन वृतांत को सुनाते हुए उन्हें महान साहित्यकार, कलम प्रतिभा के धनी, मिलनसार, सहजभाव, अच्छे वक्ता, पत्रकार, राजनीतिज्ञ बताया। साथ ही उनकी कविताओं की कुछ पंक्तियों के माध्यम से जीवन के यर्थातता को भी सांझा किया। वक्ताओं का कहना था कि अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति के वे धुरी थे, जिसमें न तो भाजपा और ना ही कांग्रेस सहित अन्य पार्टियों की भावना का कोई समावेश था, वो तो बस एक भारतीय और आमलोगों के प्रतिनिधि के रूप में अपने को प्रस्तुत करते थे।
बॉक्स: आईजीएनटीयू परिवार ने कलश यात्रा को की श्रद्धासुमन अर्पित
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय परिवार की ओर से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि विसर्जन कलश को पोडक़ी में पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर स्व. वाजपेयी के भारत के विकास में दिए गए अभिन्न योगदान को भी याद किया गया। निदेशक (अकादमिक) प्रो. आलोक श्रोत्रिय और कुलसचिव पी. सिलुवेनाथन के निर्देशन में विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और एनसीसी व एनएसएस स्वयंसेवक बड़ी संख्या में पोडक़ी पहुंचे, यहां स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उनके अस्थि विसर्जन कलश पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर अमरकटंक से अनूपपुर के बीच पोडक़ी पर बड़ी संख्या में शिक्षकों और छात्रों ने भारत माता की जय और अटल बिहारी वाजपेयी अमर रहे के उदघोषों से वातावरण गुंजायमान किया। जबकि कुलपति प्रो. टीवी कटटीमनी ने राजेन्द्रग्राम पहुंचने पर अस्थि कलश को पुष्पांजलि अर्पित की।
Published on:
25 Aug 2018 08:48 pm
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