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वनकर्मियों ने मुंडन कराकर जताया विरोध

लघु वन उपज संघ ने किया वन कर्मचारी संघ के अनिश्चिकालीन हड़ताल का समर्थन

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Forest workers protest in protest

वनकर्मियों ने मुंडन कराकर जताया विरोध

अनूपपुर. अपनी 19 सूत्री मांगों पर शासन की अनदेखी में रविवार 3 जून को मप्र. वन कर्मचारी संघ के सदस्यों ने अनिश्चितकालीन धरना स्थल इंदिरा तिराहा पर सिर मुंडन कराकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई तथा नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया।
मप्र. वन कर्मचारी संघ का आज ११वां दिन है। जिसमें लगभग २०० अधिकारी व कर्मचारियों ने बारी बारी से अपना सिर मुंडन कराया। शुरूआती समय में बलभद्र प्रसाद चौबे, सतेन्द्र मिश्रा, शंकरदीन द्विवेदी, संतोष तिवारी तथा मनीष कुर्राम ने अपना सिर मुंडन कराया। वहीं वन कर्मचारियों की १९ मांगों तथा उनके द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल को लधु वन उपज संघ द्वारा समर्थन दिया गया है। जिसके कारण अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मचारी संघ के सदस्यों में उत्साह बढ़ गया है। इससे पूर्व शनिवार को अपनी 19 सूत्रीय मांगों को लेकर वन कर्मचारी संघ के कर्मचारियों ने इंदिरा तिराहा से रैली निकालते हुए वनमंडल कार्यालय पहुंचकर आंशिक तालाबंदी की कार्रवाई की।
कर्मचारियों ने वनमंडल के समस्त कार्यालय में पदासीन अधिकारियों व कर्मचारियों को कक्ष से बाहर निकाल कमरे में ताला जड़ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान विभागीय अधिकारी भी अपने कर्मचारियों के समर्थन में कमरे से बाहर निकल खड़े रहे। मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश बहादुर सिंह ने बताया कि अनशन स्थल पर पिछले तीन दिनों से ५-५ कर्मचारियों द्वारा क्रमिक अनशन भी किया जा रहा है। उनकी मंागो में मध्यप्रदेश वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को राजस्व/पुलिस के समान वेतनमान एवं 13 माह का वेतन प्रदान किए जाए, वन कर्मचारियों को सशस्त्र-बल घोषित करने के लिए आईपीसी एवं सीआरपीसी में संशोधन कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किए जाने, वनरक्षक से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को वर्दी अनिवार्य की जाए तथा अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 45 की उन्मुक्ति प्रदान किए जाने, समस्त वनरक्षको को नियुक्ति दिनांक से 5680 ग्रेड पे 1900 का लाभ दिया जाएं एवं जिन्हें लाभ प्राप्त हो गया है उनकी वसूली पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार रोक लगाई जाए।
इसके साथ वनरक्षक को नियुक्ति दिनांक से 10,20,30 वर्ष के बाद समयमान वेतनमान प्रदान किया जाए। वन कर्मचारियों को 13 माह का वेतन, पोष्टिक भत्ता, नक्सलाइड क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियो को नक्सलाइड भत्ता एवं टाइगर रिजर्व की बीटों में 2 वन रक्षक की पदस्थिति की जाए। इसके अलावा अन्य मुख्य मांगे शामिल हैं।