अनूपपुर। जैतहरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कोलमी के ग्राम छूलकारी के सिद्ध बाबा गढिय़ा धाम में लगभग २०० वर्ष पुरानी प्राचीन प्रतिमाएं रखी हुई हैं। यह प्रतिमाएं यहां उत्खनन के दौरान जमीन के नीचे से पाई गई थी। जिसे ग्रामीणों के द्वारा गांव के देवस्थल में रखते हुए इसकी पूजा अर्चना की जाती है। आज यह स्थल देव स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। ग्रामीणों का दावा है कि यह प्रतिमाएं 200 वर्ष पुरानी है जो खेतों में खुदाई के दौरान प्राप्त हुई थी। ग्राम पंचायत के उपसरपंच मुन्ना लाल सिंह श्याम ने बताते हैं कि हमारे पूर्वजों के द्वारा यह बताया गया कि लगभग 200 वर्ष पूर्व यह प्रतिमाएं खेती करने के लिए हल चलाने के दौरान प्राप्त हुई थी। इन मूर्तियों में भगवान शिव पार्वती, विष्णु, कृष्ण और गणेश की अनेक पुरानी प्रतिमाएं है। जिनके कुछ अंश टूटे हुए थे। जिसे देखकर ग्रामीणों ने इसे देव स्थली मानते हुए निकले प्रतिमाओं को सुरक्षित पेड़ के नीचे रख दिया था। [typography_font:18pt]बॉक्स: वर्तमान में भी निकल रही है मूर्तियां[typography_font:18pt]स्थानीय निवासी ग्रामीण दीपक केवट बताते है कि 2 वर्ष पूर्व भी खेत तालाब निर्माण के लिए खुदाई के दौरान मूर्ति निकल रहे थे। जिसके कारण यहां खेत तालाब कार्य को बंद करना पड़ गया था। यदि इस स्थल की खुदाई की जाए तो अभी भी कई प्राचीन प्रतिमाएं यहां से प्राप्त हो सकती है।[typography_font:18pt;" >------------------------------------------------