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जानिए…पर्यावरण बचाने जिले में 5 लाख 64 हजार पौधों का होगा रोपण, नर्मदा बेसिन में उद्यानिकी विभाग लगाएगी 3.78 लाख फलदार पौधे

जानिए...पर्यावरण बचाने जिले में 5 लाख 64 हजार पौधों का होगा रोपण, नर्मदा बेसिन में उद्यानिकी विभाग लगाएगी 3.78 लाख फलदार पौधे

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जानिए...पर्यावरण बचाने जिले में 5 लाख 64 हजार पौधों का होगा रोपण, नर्मदा बेसिन में उद्यानिकी विभाग लगाएगी 3.78 लाख फलदार पौधे

मनरेगा द्वारा जिले के चारों विकासखंड में १ लाख ८६ हजार लगाए जाएंगे पौधे
अनूपपुर। नमामि देवी नर्मदा सेवा यात्रा से आरम्भ विश्व पर्यावरण व नदियों को बचाने की मुहिम में इस वर्ष भी जिला प्रशासन द्वारा जिले में वन आच्छदन को कम करने तथा पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने ५ लाख ६४ हजार से अधिक पौधो का रोपण करेगी। इसमें मनरेगा के तहत जिला पंचायत द्वारा अलग से पौधारोपण कराया जाएगा, जबकि उद्यानिकी विभाग पिछले दिशा-निर्देशों के तहत पुष्पराजगढ़ के ३८ गांवों में नर्मदा बेसिन के दायरे में आने वाली नदीतट के १-१ किलोमीटर दोनों दिशाओं की परिधि में लगभग ३ लाख ७८ हजार फलदार पौधों का रोपण कराकर नर्मदा के संरक्षण के संकल्प को दुहराएगी। हालांकि यह पौधारोपण पिछले वर्ष की तुलना में चक्रवार के रूप में चलेगी। जिसमें पौधों के रोपण के साथ साथ उसके सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड जैसी व्यवस्था ग्राम पंचायतों के माध्यम से भी बनाई जाएगी। इसके लिए नर्मदा मंदिर अमरकंटक एवं जिला प्रशासन ने अमरकंटक की पावन भूमि में १२ जुलाई को तैयार किए नर्मदा मंदिर में पूजित पौधों को दर्शनार्थियों को प्रसाद स्मृति चिन्ह स्वरूप देने की पहल कर लगभग २ हजार पौधों का रोपण कर पौधारोपण कार्यक्रम की शुरूआत कर दी है। जबकि विस्तारित रूप में यह कार्यक्रम १५ जुलाई से आरम्भ होकर १५ अगस्त तक जारी रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि पौधारोपण प्रकृति के स्वास्थ्य को बनाए रखने का प्रथम चरण है। पौधारोपण के साथ उनका पालन पोषण कर उन्हें वृक्ष का रूप प्रदान करने में सहयोग देना भी है। वर्तमान में मानसून सीजन है, जहां बारिश के पानी के साथ ग्रामीणों द्वारा सामूहिक और निजी भूमि पर पौधारोपण कर उसे संरक्षित किया जाएगा। इसके लिए शासन द्वारा पौधों के संरक्षण के लिए सहायता राशि भी प्रदान कराई जाएगी। फिलहाल मनरेगा के तहत ग्राम पंचायतों व उद्यानिकी विभाग द्वारा १५ जुलाई से पौधारोपण का कार्य आरम्भ किया जाएगा।
जिला पंचायत की जानकारी के अनुसार पौधारोपण में चारो विकासखंड के ६०३ ग्राम पंचायतों में १ लाख ८६ हजार ६९५ पौधों का रोपण कराया जाना निर्धारित किया गया है। जिसमें अनूपपुर विकासखंड में वानिकी पौधे ९७२० तथा उद्यानिकी पौधे ९७०५ कुल १९४२५ पौधे, जैतहरी में वानिकी के १८१२५ तथा उद्यानिकी के ४५५७५ पौधे कुल ६३७०० पौधे, कोतमा जनपद के लिए वानिकी के १६६० तथा उद्यानिकी के १२९१० पौधे कुल १४५७० पौधे तथा पुष्पराजगढ़ विकासखंड में वानिकी के १४००० तथा उद्यानिकी के ७५००० कुल ८९००० पौधों का रोपण किया जाएगा। इस प्रकार ८९ सामुदायिक स्थलों पर,७१५ निजी खेतों में, २६१ मेढों पर कुल वानिकी के ४३५०५ तथा उद्यानिकी के १४३१९० पौधों का रोपण होगा। जिसमें फिलहाल वानिकी के ४३५०५ पौधे तथा उद्यानिकी के ३०५६६ पौधों का उठाव कराया जा चुका है।
बॉक्स: नर्मदा बेसिन के इन गांवों में उद्यानिकी विभागए लगाएंंगे पौधे
अनूपपुर के पवित्र नगरी अमरकंटक से प्रवाहित होकर नर्मदा १०० किलोमीटर से अधिक लम्बी यात्रा उपरांत खाल्हेदूधी के शीशघाट से डिंडौरी में प्रवेश कर जाती है। इस दौरान नर्मदा के तटों सहित अमरकंटक और नर्मदा बेसिन के अंतर्गत ३८ गंाव आते हैं। इनमें हर्राटोला, खाटी, मोंहदी, करौंदाटोला, पडरिया, केकरिया, बोदा, खजुरवार, महोरा, धुईदादर, बिलासपुर, पुरगा, परसवार, दमेहडी, कोयलारी, बिजौरा, गुट्टीपारा, देवरी, लमसरई, रौसरखार, सलैया, पौनी, खेतगांव, कंचनपुर, बंसतपुर, पिपरखुटा, बेनीबारी, लालपुर, सरईटोला, कछराटोला, तुलरा, फरहदा, बीजापुरी, बरांझ, इटौर, खाल्हेदूधी ग्राम पंचायतें शामिल हैं। जहां उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों नाशपाती, अमरूद तथा नींबू के ३ लाख ७८ हजार पौधों का रोपण कराएगी। नर्मदा नदी के दोनों छोरों से एक-एक किलोमीटर की परिधि में लगभग १२६१ हेक्टेयर भूमि में पौधा रोपण का कार्य कराया जाएगा।
वर्सन:
जिले के सभी जनपदों में लगभग १ लाख ८६ हजार पौधों का लगाने की रणनीति तैयार की गई है। इसके लिए कोई तिथि और पौधों की संख्याओं के निर्देश नहीं हैं। लेकिन अधिक से अधिक पौधों को लगाकर पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का प्रयास किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में पौधों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की होगी।
डॉ. सोनाली सिडाना, सीईओ जिपं अनूपपुर।