
बेअसर रेत उत्खनन प्रतिबंध आदेश: तीन माह के प्रतिबंध बावजूद नदी से दिन-दहाड़े निकाले जा रहे रेत
रेत माफियाओं को नहीं नियमों का डर, उत्खनन में प्रशासन की भी अनदेखी हावी
भालूमाड़ा। शासन के निर्देश में दिया ने अनूपपुर जिले में १ अगस्त से १ अक्टूबर तक पर्यावरण संरक्षण तथा नदी के तटो तक आने वाले रेत की सुरक्षा में प्रतिबंध लगा दिए हैं। लेकिन शायद रेत माफियाओं पर उनके आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है। वहीं उत्खनन के प्रतिबंध से बेखबर प्रशासन की अनदेखी भी हावी है, जहां दिनदहाड़े नदी के तटों पर ट्रैक्टर वाहनों को लगाकर रेत उत्खनन और परिवहन को अंजाम दे रहे हैं। नदियों से रेत उत्खनन पर रोक लगाए जाने के बाद भी अवैध रेत के उत्खनन व परिवहन का कारोबार बदस्तूर जारी है। इसका मुख्य कारण सम्भवत: इन कारोबार में अब प्रशासनिक व पुलिस अमले के शामिल होने के कारण रेत माफिया धड़ल्ले से रेत उत्खनन को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा ग्राम चुकान थाना भालूमाड़ा के सोननदी पुल के पास देखने को मिल रहा है। मुख्य सडक़ मार्ग से जुड़े सोननदी से प्रतिदिन 4-5 ट्रेक्टर वाहनों से खुलेआम दिनभर अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। पिछले चार-पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण व मौसम सूखा होने के कारण इन रेत कारोबारियों में रेत उत्खनन को लेकर होड़ लग गई है। पूर्व बारिश के दौरान आई रेत नदीतटों पर सोने के सामान बिखरी पड़ी है। जिसे रेत माफिया मनमाने दामों पर बेच रहे हैं। बताया जाता है कि पोड़ी गांव के 4-5 ट्रैक्टर मालिक प्रतिदिन सोन नदी से रेत निकाल कर गांवों में 2500 से 3000 प्रति ट्राली बेच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें जिन ट्रैक्टर वाहनों से रेत खनन हो रहा है इन्हीं में से एक दो वाहनों को 15-20 दिन पूर्व ही जैतहरी पुलिस द्वारा जब्त करने की कार्रवाई की गई थी। ग्राम चोलना के पास सोन नदी पुल से जहां रेत खनन किया जाता है यह दोनों थाना क्षेत्र की सीमा है सोन नदी के इस पार भालूमाड़ा थाना तो दूसरी ओर जैतहरी थाना लगता है। नदी के दोनों घाटों से अवैध रेत का खनन होता है जिसमें कभी भालूमाड़ा पुलिस दबिश देती है तो कभी जैतहरी पुलिस। दोनों थाना की पुलिस कार्रवाई के बाद भी सोन नदी से अवैध रेत खनन नहीं रुक पा रहा है।
बॉक्स: रेत माफिया देते हैं धमकी
पौड़ी गांव के लोगों ने बताया कि अवैध कार्यों की सूचना पुलिस या विभाग को दिए जाने पर ट्रैक्टर मालिक आकर धमकाते हैं। जब बड़े अधिकारियों को सूचना देने पर विभागीय अमला आता है तो उसके पहले ही इन लोगों को सूचना मिल जाती है और यह अपने अपने वाहन नदी से हटा कर घरों में सुरक्षित खड़ा कर देते हैं। जिससे यह बता सके कि लोगों द्वारा गलत सूचना प्रशासन को दी जाती है।
वर्सन:
अगर सोन नदी से अवैध रेत खनन हो रहा है तो उसे तत्काल दिखवाते हैं और उन पर कार्रवाई की जाएगी।
राहुल शांडिल्य, खनिज निरीक्षक अनूपपुर

Published on:
08 Aug 2018 07:55 pm
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