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दूसरे दिन भी भारी वाहनों का नगर में नहीं हुआ प्रवेश, निगरानी में नगर विकास मंच के लगे रहे तम्बू, रात १० बजे थमे भारी वाहनों के पहिए धूमे

दूसरे दिन भी भारी वाहनों का नगर में नहीं हुआ प्रवेश, निगरानी में नगर विकास मंच के लगे रहे तम्बू, रात १० बजे थमे भारी वाहनों के पहिए धूमे

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On the second day too heavy vehicles were not entered in the city, in

दूसरे दिन भी भारी वाहनों का नगर में नहीं हुआ प्रवेश, निगरानी में नगर विकास मंच के लगे रहे तम्बू, रात १० बजे थमे भारी वाहनों के पहिए धूमे

पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर की अनुमति बाद हमेशा के लिए नो इंट्री घोषित करने दिया आश्वासन
अनूपपुर। अनूपपुर नगर के अत्याधिक भीड़-भाड़ वाली मुख्य सडक़ अमरकंटक तिराहा से तिपाननदी तुलसी महाविद्यालय के बीच बेधडक़ भारी राखड़ कैप्सूल वाहनों व कोयला परिवहन से जुड़ी वाहनों के प्रवेश के खिलाफ १८ जून से इंदिरा तिराहा पर बैठी नगर विकास मंच के सामने से दूसरे दिन भी कोई भारी वाहनों की आवाजाही नहीं हुई। राखड़ और कोयला परिवहन से जुडी वाहनों का प्रवेश मंगलवार को भी पूर्णत: बंद रहा। जबकि सोमवार १८ जून को दिए गए सांकेतिक ***** जाम की चेतावनी का असर यह हुआ कि सोमवार की रात १० बजे सैकड़ों की संख्या में शहर से बाहर खड़ी भारी वाहनों ने प्रवेश किया। वाहनों के प्रवेश से लगा मानों किसी मेट्रोपोलिटिन सिटी में रात के दौरान नो इंट्री की मियाद समाप्ती हुई हो और सैकड़ों वाहन एक कतार में नगरीय क्षेत्र में प्रवेश किया हो। यह स्थिति सुबह ४-५ बजे तक जारी रही। हालांकि उस दौरान भी अनूपपुर यातायात पुलिस ने चौराहों पर जवानों को तैनात कर धीमी गति से वाहनों को शहर से गुजरने के निर्देश दिए। एक ओर जहां दिन के समय भारी वाहनों का प्रवेश नगर में बंद है, वहीं नगरवासी भी भारी वाहनों के शोर और उससे उड़ते धूल के प्रदूषण से राहत महसूस कर रहे हैं। नगरवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर मुख्य बाजारी क्षेत्र सहित दर्जनों बैंक शाखाएं, स्कूल, कॉलेज, न्यायालय, तहसील कार्यालय, जिला अस्पताल जैसी संस्थाएं जुड़ी है, जहां हजारों लोगों की भीड़ सडक़ों पर बनी रहती है, ऐसे में सैकड़ों की तादाद में भारी वाहनों का प्रवेश सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन को भी नई पहल करते हुए आमलोगों की जीवन सुरक्षित करना चाहिए। नगर विकास मंच के संयोजन संजीव द्विवेदी का कहना है कि जब अन्य शहरों में भारी वाहनों के लिए बाईपास या नो इंट्री जोन हो सकता है तो अनूपपुर जैसे छोटे ही सही भीड़-भाड़ वाले नगरीय क्षेत्र के लिए नो इंट्री का प्रावधान क्यों नहंी? इस व्यवस्था से नगरीय यातायात सहित आम लोगों की सुरक्षा भी बेहतर बन सकेगी।
बॉक्स: तो आगामी दिनों के लिए बन सकता है नो इंट्री जोन
नगरीय भीड़ को देखते हुए अब पीडब्ल्यूडी ईई और यातायात थाना प्रभारी द्वारा अलग अलग स्थानों के लिए नो इंट्री जोन के साथ प्रतिबंधित एरिया घोषित करने की तैयारी की जा रही है। जिसमें दोनों विभाग द्वारा स्थानों का चयन कर इसके अनुमोदन के लिए कलेक्टर को पत्र सौंपेंगे। जिसमें सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए आवश्यक मानते हुए पुलिस की सहमति पर आगामी दिनों में अमरकंटक तिराहा से तिपाननदी छोर तक नो इंट्री जोन घोषित हो जाएगी।
वर्सन:
पीडब्ल्यूडी और यातायात पुलिस द्वारा नो इंट्री व प्रतिबंधित क्षेत्र के लिए नगरीय क्षेत्र व मार्ग का चयन किया जा रहा है। जिसे कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदित कराया जाएगा। कलेक्टर से अनुमोदित होते ही इस मार्ग पर दिन के समय भारी वाहनों के लिए नो इंट्री का प्रावधान कर दिया जाएगा।
सुनील कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर।