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ऐसा क्या हुआ कि नगरवासियों की चेतावनी में नींद से जागी प्रशासन: नगर में दिनभर नहीं हुआ ओवरलोड वाहनों का प्रवेश

ऐसा क्या हुआ कि नगरवासियों की चेतावनी में नींद से जागी प्रशासन: नगर में दिनभर नहीं हुआ ओवरलोड वाहनों का प्रवेश

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What happened that the administration of sleeping place in the warning

ऐसा क्या हुआ कि नगरवासियों की चेतावनी में नींद से जागी प्रशासन: नगर में दिनभर नहीं हुआ ओवरलोड वाहनों का प्रवेश

सडक़े रही वीरान, नगर विकास मंच की चेतावनी में चौराहों पर सुरक्षा के लिए उतरी पुलिस
अनूपपुर। जैतहरी स्थित हिन्दुस्तान पावर प्लांट के लिए कोयला परिवहन करने तथा वहां से क्षमता से अधिक राखड़ भर कैप्सूल वाहनों के अनूपपुर नगरीय सीमाओं में बेधडक़ प्रवेश कर आवाजाही करने के विरोध में सोमवार १८ जून को नगर विकास मंच द्वारा आयोजित की गई सांकेतिक ***** जाम की चेतावनी में आखिरकार पुलिस प्रशासन की नींद खुली। जहां रात के दौरान ही पावर प्लांट कम्पनी को दी गई चेतावनी तथा चचाई से अनूपपुर आने वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक के फरमान के बाद सोमवार की सुबह से शाम तक कैप्सूल व कोयला परिवहन करने वाले एक भी वाहनों का प्रवेश नगरीय सीमा में नहीं हुआ। पावर प्लांट से कैप्सूल वाहन बाहर हीं नहीं निकली, जबकि सायडिंग से कोयला लेकर पावर प्लांट आने वाली वाहनों का कहीं अता पता नहीं रहा। आलम यह रहा है कि इंदिरा तिराहा पर भारी वाहनों को रोकने विरोध प्रदर्शन के लिए बैठे नगरवासी दिनभर कैैप्सूल वाहन और कोयला वाहन के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन दिनभर एक भी राखड़ और कोयले से लदी वाहनें नहीं गुजरी। सांकेतिक चेतावनी और लोगों के आक्रोश को देखते हुए सुबह से ही शहर के मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। इंदिरा तिराहा पर ही यातायात और कोतवाली पुलिस के दो दर्जन से अधिक जवान मुस्तैद रहे। जबकि खुद मामले की निगरानी में कोतवाली थाना प्रभारी मौजूद रहे। नगरवासियों का कहना था कि यहीं काम पुलिस पूर्व में कर लेती तो आज नगरवासियों को प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत नहीं होती। प्रशासन ने जब खुद ही भारी वाहनों के प्रवेश और निकासी के लिए समय निर्धारित कर रखा है तो फिर दिन के समय कहां और कैसे भारी वाहनों का प्रवेश हो रहा है। कल तक चौक-चौराहों पर एक भी पुलिस जवान तक नजर नहीं आते रहे, वहीं आज दर्जनों जवान सुरक्षा में तैनात नजर आते रहे।
विदित हो कि अनूपपुर के अमरकंटक तिराहा से तिपाननदी तक लगभग २ किलोमीटर लम्बी सीसी सडक़ का निर्माण कार्य जारी है। जिसके दोनों छोर पर नाला का भी काम कराया जा रहा है। इसके कारण पूर्व बनी १३ फीट चौड़ी सडक़ अब मलवा और निर्माण सामग्रियों में सकरी बन गई है। इसके अलावा सडक़ का मेंटनेंश नहीं होने के कारण यह मार्ग धूल और गिट्टी वाली सडक़ में तब्दील हो चुकी है, जहां भारी वाहनों के प्रवेश में धूल के गुब्बार में सामने से आ रही वाहनों का पता नहीं चलता। जबकि भारी के प्रवेश से नगरवासियों में किसी अप्रिय घटना के प्रति खौफ बना हुआ है। इसे देखते हुए नगरपरिषद अनूपपुर के पार्षदों ने २४ अप्रैल को कलेक्टर को ज्ञापन सौंप दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश मार्ग पर बंद कराने की अपील की थी। इसमें वाहनों के प्रवेश रात १० बजे से सुबह ४ बजे तक दिए जाने की बात कही गई थी। ज्ञापन पर कलेक्टर ने तत्काल पुलिस अधीक्षक सहित पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्राचार कर भारी वाहनों के प्रवेश बंद कराने के निर्देश दिए। इस पर खुद पीडब्ल्यूडी विभाग ने मोजरबेयर पावर प्लांट(हिन्दुस्तान पावर प्लांट कंपनी लिमिटेड जैतहरी)को अनूपपुर-जैतहरी मार्ग पर भारी वाहनों के आवाजाही बंद कराने नोटिस जारी कर निर्देश पालन के आदेश दिए थे। लेकिन नोटिस के बाद भी दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बनी रही।
वर्सन:
अगर पूर्व में कलेक्टर ने ज्ञापन के उपरांत वाहनों के प्रवेश के लिए समय निर्धारित किया है तो उसके आधार पर आगे भी आदेशों का पालन कराया जाएगा।
सुनील कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर।