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3 फुट की हाथी प्रतिमा के पैरों के बीच से निकले PCC चीफ जीतू पटवारी, अजब है इसकी मान्यता

Elephant Statue Amarkantak : 3 दिवसीय दौरे पर जिले पहुंचे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी मां नर्मदा का आशीर्वाद लेने अमरकंटक पहुंचे। यहां उन्होंने हाथी प्रतिमा के नीचे से गुजरते हुए वीडियो शेयर किया। उसकी मान्यता बताकर पूर्व और मौजूद सीएम से प्रतिमा के नीचे से निकलने का चैलेंज दे दिया।

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Elephant Statue Amarkantak

Elephant Statue Amarkantak :मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी इन दिनों तीन दिवसीय दौरे पर अनूपपुर में हैं। यहां वो जिले की तीनों विधानसभा पुष्पराजगढ़, अनूपपुर और कोतमा में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक ले रहे हैं। साथ ही, संगठन के विस्तार के लिए कार्यकर्ताओं से चर्चा भी कर रहे हैं। दौरे के पहले दिन जीतू पटवारी जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक पहुंचे। यहां उन्होंने न सिर्फ मां नर्मदा की पूजा कर आशीर्वाद लिया। बल्कि, यहां की प्रसिद्ध 3 फुट की हाथी प्रतिमा के पैरों के बीच से भी निकल गए।

खुद पीसीसी चीफ जीचू पटवारी ने हाथी प्रतिमा के नीचे से निकलते हुए एक वीडियो शेयर किया। साथ ही इसके पीछे की प्रसिद्ध मान्यता भी बताई। यही नहीं, पटवारी ने वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्री को भी प्रतिमा के नीचे से निकलने की चुनौती दे दी है।

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मौजूदा और पूर्व सीएम को चुनौती

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मौजूदा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चुनौती भी दे डाली है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए शिवराज सिंह चौहान और डॉ. मोहन यादव पर तंज कसते हुए लिखा- 'मैं पूर्व और वर्तमान मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं- अगली बार जब अमरकंटक आएं, हाथी प्रतिमा के नीचे से निकल कर दिखाएं! जनसेवा का भ्रम फैलाने वालों के, पाप और पुण्य का निर्णय मां नर्मदा करेंगीं!'

हाथी प्रतिमा के नीचे से निकले जीतू पटवारी

जीतू पटवारी ने आगे लिखा- अमरकंटक की हाथी प्रतिमा को लेकर मान्यता है, अगर इसके नीचे से निकल जाएं तो क्लेशों से मुक्ति और मनोकामना की पूर्ती होती है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर पुण्य सलिला की कृपा से, हाथी प्रतिमा के नीचे से निकलकर माई के दरबार में दंडवत प्रणाम किया। 2 साल पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 100 करोड़ की लागत से अमरकंटक में नर्मदा कॉरिडोर बनाने की घोषणा की थी। अनूपपुर में मां नर्मदा लोक की कार्ययोजना बनाने का फैसला लिया था। क्या मोहन सरकार बताएगी? इस निर्णय पर कितना काम हुआ? मैं फिर से भाजपा से पूछ रहा हूं- धर्म, आस्था और विश्वास के नाम पर झूठ बोलने का आदतन अपराध कब तक करती रहेगी? मैं पूर्व और मौजूदा मुख्यमंत्री से अनुरोध करता हूं कि, अगली बार जब भी अमरकंटक आएं, हाथी प्रतिमा के नीचे से निकल कर दिखाएं।'

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जानें हाथी प्रतिमा के नीचे से गुजरने की मान्यता

अमरकंटक से नर्मदा नदी का उद्गम होता है। मां नर्मदा का जहां से उद्गम हुआ, वहां एक कुंड है और यहीं नर्मदा का मंदिर भी है। इी के पास एक छोटा सा गज भी मौजूद है। इस गज की कुल लंबाई ही महज तीन फीट है और इसके पैरों के बीच की जगह पर गौर करें तो ये सिर्फ एक फीट के आसपास चौड़ी होगी। लेकिन इसके बारे में एक खास मान्यता है। ऐसा कहा जाता है कि, गज के पैरों के बीच से जो कोई भी गुजर जाता है तो वो पाप मुक्त हो जाता है, ये तक कहा जाता है कि, सिर्फ पापी ही इससके नीचे से नहीं निकल पाते। इसका उदाहर लोगों ने कई बार ये भी देखा कि, कई मोटे लोग भी इसके नीचे से बड़े आराम से निकल जाते हैं तो कई बार दुबले-पतने भी इसमें फंस जाते हैं।