
मैं भी स्मार्ट क्लास में पढऩा चाहता हूं, आईजीएनटीयू अमरकंटक पहुंचे तेलंगाना उप-मुख्यमंत्री
तेलंगाना सरकार ने केंद्रीय जनजातीय विवि की स्थापना के लिए आईजीएनटीयू से मांगा सहयोग
अनूपपुर। इंदिरागांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की तर्ज पर तेलंगाना में प्रस्तावित केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना पर विचार-विमर्श के लिए आए तेलंगाना उप-मुख्यमंत्री कदियाम श्रीहरी ने छात्रों का आह्वान किया। साथ ही कहा वे कठिन परिश्रम और नई तकनीक के सद्पयोग से अपने करियर को नई ऊंचाइयां तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और इसी की मदद से समाज में नई पहचान बनाई जा सकती है। केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में अलग-अलग केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए बजट आवंटित किया है। आईजीएनटीयू की स्थापना से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों से विचार-विमर्श और यहां आने वाली चुनौतियों के बारे में जानने के उद्देश्य से तेलंगाना राज्य सरकार की ओर से दो सदस्यीय दल आईजीएनटीयू का दौरा करने के लिए बुधवार 15 फरवरी को विश्वविद्यालय पहुंचा था। जिसमें उप-मुख्यमंत्री कदियाम श्रीहरी और महबूबाबाद के सांसद प्रो. अजमीरा सीताराम नायक शामिल हैं। दोनों ने गुरुवार को आईजीएनटीयू के विभिन्न विभागों का दौरा किया और यहां छात्रों को प्रदान करने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस मौके पर कुलपति प्रो. टीवी कट्टीमनी ने आईजीएनटीयू में जनजातीय छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की। विश्वविद्यालय की ओर से श्रीहरी और प्रो. नायक को समारोह पूर्वक सम्मानित किया गया। श्रीहरी ने अपने संबोधन में दस वर्ष में विश्वविद्यालय की प्रगति को अतुलनीय बताया। उन्होंने शिक्षकों और छात्रों को अगले कुछ वर्षों में इसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इंटरनेट जैसी तकनीक का प्रयोग करके व्यावसायिक जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए छात्र जीवन का सद्पयोग कर कठिन परिश्रम कर स्वयं के विषय में विशेषज्ञता प्राप्त कर समाज को इसका लाभ प्रदान करना होगा। तेलंगाना का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश का गठन अभी होने के बावजूद यह देश में सबसे अधिक 16.5 जीडीपी वाला प्रगतिशील प्रदेश बन गया है जिसका हैदराबाद मैट्रो शहर ग्लोबल हब के रूप में उभर के सामने आ रहा है। सांसद श्री नायक ने छात्रों से स्वयं को लक्ष्य पर केंद्रित कर स्वयं में निरंतर नए कौशल का विकास करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि छात्र जीवन स्वर्णिम युग होता है जिसका सद्पयोग करके जीवन को सफलता के नए मुकाम तक पहुंचाया जा सकता है।
बॉक्स: मैं भी स्मार्ट क्लास में पढऩा चाहता हूं
आईजीएनटीयू की स्मार्ट क्लास से उप-मुख्यमंत्री श्रीहरी इतने प्रभावित हुए कि वे बोले कि मैं भी इस प्रकार की स्मार्ट क्लास में पुन: पढऩा चाहता हूं। उन्होंने तेलंगाना में प्रस्तावित जनजातीय विश्वविद्यालय में इस प्रकार की क्लास बनाने का संकल्प व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में राज्य परिवहन का अभाव होने का जिक्र करते हुए कहा कि तेलंगाना में छात्रों को पढऩे के लिए बस की फ्री पास दिए जाते हैं जिससे उन्हें आने-जाने में दिक्कतें नहीं होती। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे इंटरनेट का प्रयोग उपयोगी पाठ्य सामग्री डाउनलोड करने में करेंगे तो सफलता जल्द मिलेगी।

Published on:
16 Feb 2018 08:28 pm
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