
अनूपपुर. जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत ने विभिन्न निर्माण कार्यों में पंच, उपसरपंच एवं सरपंच को कमीशन देने का प्रस्ताव पारित किया। ऐसा नहीं करने पर सचिव के अन्यत्र स्थानांतरण का प्रस्ताव भी किया गया। इसे बाकायदा पंचायत की कार्यवाही पंजी में दर्ज भी किया गया। मामला पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सालर गोंदी है। इसका पता चलने के बाद प्रशासन ने ग्राम पंचायत सरपंच एवं पंचों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। 16 नवंबर को सभी अपना जवाब दे भी दिया है। ग्राम पंचायत सालार गोंदी में पंच एवं सरपंचों ने पहले तो विभिन्न कार्यों में ग्राम पंचायत सचिव से कमीशन की मांग की। न देने पर विधिवत ग्राम पंचायत की ग्राम सभा आयोजित की गई। 11 सितंबर को ग्राम सभा की बैठक में यह प्रस्ताव लाया गया कि पंचों को 5 प्रतिशत सरपंच को 10 प्रतिशत एवं उपसरपंच को 7 प्रतिशत कमीशन सचिव प्रदान करें। प्रस्ताव में यह भी लेख किया गया कि सचिन जयंती पनारिया ने एक रुपए भी कमीशन पंचायत पदाधिकारी को नहीं दिया है। सचिव का स्थानांतरण अन्यत्र किए जाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सरपंच ने कहा सचिव ने धोखे से कराए हस्ताक्षर नोटिस जारी होने के बाद 16 नवंबर को जिला पंचायत कार्यालय में पंच एवं सरपंच अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि सचिव ने यह प्रस्ताव तैयार किया और उन्हें बिना पढ़ाए ही धोखे से हस्ताक्षर करा लिए, जब नोटिस जारी हुआ तब उन्हें यह जानकारी हुई कि इस तरह का कोई प्रस्ताव भी पंचायत में पारित हुआ है। वह खुद हैरान है क्योंकि ऐसी कोई भी चर्चा ग्राम सभा में नहीं हुई। मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
सरपंच व पंचों को जारी किया नोटिस
मामला सामने आने के बाद सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम पंचायत सालर गोंदी के सरपंच विक्रम प्रसाद, पांच सोनिया बाई, तुलसी बाई, नरबदिया बाई, मीराबाई, ओम प्रकाश, सुनी बाई, सरिता बाई, हेमलता बाई, दुर्गा सिंह, राजेश कुमार, बृजलाल, ज्ञानवती, पतिलाल, बैसाखू माझी, ओम प्रकाश सिंह को नोटिस जारी करते जवाब मांगा है। नोटिस में कहा गया है कि मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 (हानि दुरुपयोग के लिए पंचों आदि का दायित्व) के तहत उक्त पारित प्रस्ताव शासकीय राशि के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। क्यों न आपके विरुद्ध मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत पद से हटाने की कार्यवाही की जाए।
नोटिस जारी करते हुए पंच एवं सरपंच से जवाब मांगा गया था। उन्होंने अपना पक्ष रखा है। 26 को अगली सुनवाई है जिसमें सचिव से जवाब मांगा जाएगा। दोनों पक्षों की सुनवाई होने के बाद ही इस मामले पर अग्रिम करवाई की जाएगी। तन्मय वशिष्ठ शर्मा, सीईओ जिला पंचायत अनूपपुर
Published on:
22 Nov 2024 12:04 pm
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