
यूएस वीज़ा मिलने में मुश्किल के कारण अमेरिका में भारतीय छात्र घटे। (फोटो: X Handle Indian Infra Report.)
पुष्पराजगढ़ विकासखंड अंतर्गत करपा और दमेहडी में लंबे समय से नवीन महाविद्यालय की मांग की जा रही है लेकिन अब तक यहां महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की प्रक्रिया शुरू भी नहीं हो पाई है। राजेंद्रग्राम से करपा और दमेहडी की दूरी 40 किलोमीटर की है। ऐसी स्थिति में हायर सेकेंडरी की शिक्षा के बाद आवागमन के साधनों के अभाव में विद्यार्थी अपनी पढ़ाई बंद कर देते हैं। लंबे समय से स्थानीय लोग यहां पर महाविद्यालय की मांग कर रहे हैं लेकिन अब तक इस मामले पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है।
पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह ने विधानसभा के मानसून सत्र में करपा और दमेहड़ी में महाविद्यालय प्रारंभ करने की मांग उच्च शिक्षा मंत्री से की। साथ ही उन्हें बताया कि दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से महाविद्यालय के काफी दूर होने के कारण वंचित रह जाते हैं और उनकी प्रतिभा का विकास नहीं हो पाता है। पूर्व में राजेंद्रग्राम कॉलेज से करपा में महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया था।
राजेंद्रग्राम में बी कॉम द्वितीय वर्ष के छात्र मनमोहन सिंह निवासी अटरिया जो राजेंद्रग्राम से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहां से वह प्रतिदिन महाविद्यालय बस से आते हैं। छात्र ने बताया कि करपा और दमेहड़ी की जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है और यहां महाविद्यालय न होने के कारण इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ती है। छात्र साइकिल या फिर अन्य साधन से यहां तक आ जाते हैं लेकिन छात्राओं की पढ़ाई ही बंद करा दी जाती है।
राजेंद्र ग्राम से 50 किलोमीटर दूर से प्रतिदिन राजेंद्र ग्राम महाविद्यालय में अध्ययन करने के लिए आने वाले बीए सेकंड ईयर के छात्र पवन मार्को ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में महाविद्यालय काफी दूरी पर स्थित होने के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बंद कर दी जाती है। इसके कारण प्रतिभाशाली छात्र भी उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते और ग्रामीण क्षेत्र में ही उनका जीवन बीत जाता है। काफी समय से यहां महाविद्यालय शुरू करने की मांग की जा रही है, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
करपा में महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने के लिए पूर्व में राजेंद्र ग्राम महाविद्यालय से प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा गया था।
अनिल सक्सेना, प्राचार्य, लीड महाविद्यालय अनूपपुर
Updated on:
07 Aug 2025 12:06 pm
Published on:
07 Aug 2025 12:04 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
