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स्कूल उन्नयन के बीते साल; शिक्षकों की नहीं हुई पदस्थापना, शिक्षा विभाग नियम कानून का बहाना कर नहीं कर रहे हैं शिक्षकों की पदस्थापना

स्कूल उन्नयन के बीते साल; शिक्षकों की नहीं हुई पदस्थापना, शिक्षा विभाग नियम कानून का बहाना कर नहीं कर रहे हैं शिक्षकों की पदस्थापना

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The last year of school upgradation Posting of teachers, posting of fa

स्कूल उन्नयन के बीते साल; शिक्षकों की नहीं हुई पदस्थापना, शिक्षा विभाग नियम कानून का बहाना कर नहीं कर रहे हैं शिक्षकों की पदस्थापना

शिक्षक के अभाव में बच्चों की शिक्षा हो रही प्रभावित
भालूमाड़ा। वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री के भालू माड़ा आगमन पर लोगों ने हाई स्कूल उन्नयन की मांग की थी, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने की थी और वर्ष 2017 से नवमी कक्षा चालू हुई। इस वर्ष 2018 में कक्षा दसवीं भी संचालित हो गई है। लेकिन स्कूल में शिक्षक पदस्थ नहीं हुए। पिछले वर्ष एक अतिथि शिक्षक के भरोसे नवमी कक्षा के छात्रों की पढ़ाई हुई। लेकिन इस वर्ष नया सत्र बीते 3 माह से अधिक हो गया स्कूल में शिक्षक नहीं होने से कक्षा 9-10 के छात्रों की पढ़ाई बिल्कुल ठप सी हो गई है। बच्चे स्कूल जाते हैं और बिना पढ़ाई किए वापस लौट आते हैं। अगर शिक्षा का यही स्तर रहा तो आगामी दसवीं बोर्ड परीक्षा है ऐसे छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। जबकि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने जिले के 3 स्कूलों जैतहरी ब्लॉक के केलहरी एवं अनूपपुर ब्लॉक के बाडीखार एवं भालूमाड़ा का उन्नयन करने की घोषणा की थी। बताया जाता है कि बाड़ीखार एवं केलहारी में अतिथि शिक्षक नियुक्त हो चुके हैं। लेकिन भालूमाड़ा में शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। शिक्षकों की कमी के कारण माध्यमिक की कक्षाएं भी प्रभावित हो रही हैं। माध्यमिक के लिए 3 शिक्षक हैं। जिसमें आए दिन शिक्षकों का शासकीय कार्य सहित स्कूली कार्य में समय बीत जाता है। इसमें बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही।
बॉक्स: पोर्टल में छह शिक्षकों के पद
शासकीय पोर्टल में भालूमाड़ा के लिए 6 शिक्षकों के पद हैं। जिसमें एक भी शिक्षक नहीं हुए। सूत्रों का कहना है कि शिक्षा विभाग के अधिकारी ही नियम कानून बताकर भालूमाड़ा में शिक्षक नहीं दे रहे। विभाग का कहना है कि पद स्वीकृत नहीं है। तो कभी कहते हैं वित्त विभाग की अनुमति नहीं है। जबकि वैकल्पिक रूप से शिक्षक पदस्थ किए जा सकते हैं। लेकिन शिक्षा विभाग ही इन छात्रों का भविष्य संवारने की बजाय इनका भविष्य अंधकारमय करने पर तुला है।
वर्सन:
इस सम्बंध में हमने जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिख स्कूल में शिक्षकों की कमी को पूरा कराने की अपील की है। जबकि शिक्षक और वित्त नहीं है तो स्कूलों का उन्नयन ही नहीं कराया जाता। शिक्षा विभाग की अनदेखी के कारण इस प्रकार की अव्यवस्था बन रही है।
अजय द्विवेदी, मंडल अध्यक्ष भाजपा पसान।