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ये क्या..नहीं लगी गांवों में चौपाल, विभागों ने नहीं बुलाई ग्रामीणों की बैठक, 7 करोड़ 30 लाख की ४९ राजीव गांधी सेवा केन्द् भवन हो गए बेकार

ये क्या..नहीं लगी गांवों में चौपाल, विभागों ने नहीं बुलाई ग्रामीणों की बैठक, 7 करोड़ 30 लाख की ४९ राजीव गांधी सेवा केन्द् भवन हो गए बेकार

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What is this .. Choupal, not in the villages, villages have not conven

ये क्या..नहीं लगी गांवों में चौपाल, विभागों ने नहीं बुलाई ग्रामीणों की बैठक, 7 करोड़ 30 लाख की ४९ राजीव गांधी सेवा केन्द् भवन हो गए बेकार

जिले में बनाए गए ४९ राजीव गांधी सेवा केन्द्र नहीं हुई संचालित, ई-पंचायत के तहत संकुल स्तर ८-१० पंचायतों पर बनाया जाना था कलस्टर
अनूपपुर। जिले के २८२ ग्राम पंचायतों में शासकीय योजनाओं की जानकारी के लिए ४९ ग्राम पंचायतों में ७.३० करोड़ की लागत से ४९ राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवन का निमार्ण कराया गया है। राजीव गांधी सेवा केन्द्र योजना वर्ष २०१२ में तय की गई थी, जिसमें विलम्बता में समस्त निर्माण कार्य २०१५ में पूर्ण कर लिए गए। लेकिन ७ करोड़ से अधिक की लगात से बनाए गए ४९ भवनों में शासकीय योजनाओं की जानकारी या फिर विभागीय जानकारी के लिए कोई चौपाल कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया और नाही किसी विभाग ने जानकारी के लिए ग्रामीणों की बैठक का आयोजन किया। परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत में संकुल स्तर मॉडल पर ८-१० गांवों के बीच १४.९० लाख की लागत से बना भवन ग्राम पंचायतों की शोभा की चीज बन कर रहा गया है। जबकि इन भवनों के निर्माण का उद्देश्य प्रशासकीय स्तर पर विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित साप्ताहिक चौपाल के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को विभागीय जानकारी के साथ शासकीय योजनाओं की भी जानकारी देना शामिल था। जिसमें कृषि, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य सहित अन्य विशिष्ट विभाग शामिल थे। शासन का मानना था कि इससे लोगों के समय की बचत के साथ साथ मुख्यालय के विभागीय चक्कर काटने से भी मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन शासन की यह योजनाएं अपने भवन निर्माण तक ही सीमित रह गई।
जिला ग्रामीण रोजगार गांरटी अधिकारी मनरेगा के अनुसार यह प्रोजेक्ट करीब साढ़े सात करोड़ की लागत से पूर्ण किया जाना था। जिसमें एक भवन के लिए १४.९० लाख निर्धारित रखी गई थी। हालांकि पूर्व के प्रस्ताव में जिलेभर में सिर्फ ४७ भवन निर्माण कराया जाना था, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों की विस्तृत भाग को देखते हुए दो अतिरिक्त भवन के निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेजे गए और ४९ भवनों का निर्माण कराया गया। विभागीय जानकारी के अनुसार शासन द्वारा संकुल स्तर पर राजीव गांधी भवन का निर्माण कराने का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस प्रकार के भवन में स्थानीय स्तर के आसपास से लगभग ५०-७५ ग्रामीणों को एक साथ बैठाकर विभागीय या फिर शासकीय योजनाओं से अवगत कराया जा सकेगा। इसमें महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहित अन्य शासकीय विभाग आसानी से समय समय पर अपनी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करा सकेंगे। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली बैठक में अपर्याप्त जगह को देखकर ग्राम पंचायत जनप्रतिनिधि इस भवन का उपयोग अपने सामाजिक कार्य के लिए भी आसानी से कर सकेंगे।
बॉक्स: ऐसी है भवन की व्यवस्था
जिला पंचायत के निर्देशन मेंं बनाए गए राजीव गांधी सेवा केन्द्र भवन की व्यवस्थाएं अन्य ग्राम पंचायत भवन से बिल्कुल अलग बनाई गई है। लम्बी चौड़ी भवन में दो कमरे के साथ एक बरामदा, महिला पुरूष प्रसाधन कक्ष, पानी की सुविधा, कमरे में टाईल्स, यहां तक कि लोगों को बैठने के लिए हॉलनुमा कमरा का निर्माण कराया गया है। साथ की भवन में ई पंचायत की तर्ज पर कम्प्यूटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। जबकि जिले के चारों विकासखंड में राजीव गांधी सेवा केन्द्र को संकुल स्तर पर बसाया गया है। इनमें अनूपपुर में ९ राजीव गांधी सेवा केन्द्र, जैतहरी जनपद पंचायत में १४ राजीव गांधी सेवा केन्द्र, कोतमा जनपद पंचायत में ०६ राजीव गांधी केन्द्र तथा पुष्पराजगढ़ में २० राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाए गए हैं।
वर्सन:
यह मेरी जानकारी में नहीं है, मैं मामले की जानकारी लेकर आगे की व्यवस्था बनवाती हूं।
डॉ. सलोनी सिडाना, सीईओ जिला पंचायत अनूपपुर।