
ये क्या: स्कूलों में शिक्षक नहीं आरम्भ हो गई शैक्षणिक सत्र, बिना अतिथि शिक्षकों के ही स्कूलों की पालियों में बज रही घंटियां
शासन ने अबतक अतिथि शिक्षकों के भर्ती प्रक्रिया के आदेश नहीं किए जारी
अनूपपुर। शिक्षा विभाग संचालनालय ने शैैक्षणिक व्यवस्थाओं में भले ही नए सत्र से नई व्यवस्थाओं के तहत अप्रैल माह से स्कूल संचालन का आदेश जारी की। लेकिन स्कूलों में नामांकित होने वाले छात्रों की शिक्षा प्रदाय करने पुरानी व्यवस्थाओं से नहीं चूके। अभी तक शिक्षा विभाग द्वारा आदेशों में माह जुलाई से माह फरवरी कुल ८ माह के लिए अतिथि शिक्षकों से शिक्षा लेने के आदेश जारी होते आए हंै, जिनमें जिलों में जून तक अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण करने की व्यवस्था रही है। लेकिन वर्ष अप्रैल २०१८-१९ के लिए आरम्भ नए सत्र के बाद भी जून माह तक शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों के भर्ती सम्बंधी आदेश जारी ही नहीं किए गए हैं। विभागीय सूत्रों की माने तो शासन ने यह भी आदेश किया था कि पुराने अतिथि शिक्षकों को नया सत्र चालू होते ही ले लिया जाए, लेकिन अभी तक विभाग में कोई दिशा निर्देश भी जारी नहीं किए हैं। जिसके कारण जिलों में अबतक अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया ही आरम्भ नहीं हो सकी। वहीं अप्रैल से आरम्भ हुए शैक्षणिक सत्र में स्कूली संस्थानों में अब बिना अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण किए ही पालियों की घंटियंा बजाई जा रही है। इनमें कुछ स्कूल ऐसे भी जहां न तो बच्चों की तादाद है और ना ही शिक्षकों की। वहीं कुछ स्कूल ऐसे भी जहां बच्चे की संख्या न्यून है तो शिक्षकों की संख्या उनसे अधिक। जबकि कुछ स्थानों पर एक शिक्षक के भरोसे तीन-तीन या पांच-पांच कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिले में प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक की कुल १६८२ स्कूल संस्थान है। जिसमें पूर्व में संस्थानों के लिए कुल ४५४७ विभिन्न सवंर्गो के पद स्वीकृत किए गए थे। लेकिन अबतक इनमें १२५४ ऐसे पद है जो आजतक भरे नहीं जा सके। यानि १६८२ स्कूलों के लिए मात्र ३२९३ शिक्षक हैं। जिनकी भरपाई के लिए विभाग द्वारा अतिथि शिक्षकों के रूप में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण कर शैक्षणिक सत्र पूरे किए जा रहे हैं। लेकिन शासन ने वर्ष २०१८-१९ के लिए इनमें भी अनदेखी बरत दी। जिसके कारण १६८२ स्कूलों में बिना अतिथि शिक्षकों के ही कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि प्रत्येक स्कूल में शिक्षकों को अटैच कर शिक्षक की आपूर्ति कराई गई है, लेकिन प्रत्येक स्कूल में एक या दो शिक्षकों की उपलब्धता सम्भव हो पाती है। लेकिन इनमें अधिकांश प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे संचालित होती है।
बताया जाता है कि जिस स्तर पर प्रतिवर्ष शिक्षा संचालनालय द्वारा दिशा निर्देश जारी किए जाते हैं, उसके एवज में अनूपपुर जिले में संसाधनों का अभाव है। जिसके कारण वर्तमान प्राथमिक, माध्यमिक, हाई तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की पदास्थापना नहीं हो सकी है। वहीं हाई और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की कमी बनी हुई। जबकि प्राथमिक स्तर पर २५ स्कूलों में शिक्षक तक नहीं उपलब्ध हैं।
बॉक्स: १ से १२वीं कक्षाओं तक में रिक्त पदों के आंकड़े-
पदनाम श्रेणी स्वीकृत पद भरे पद रिक्त पद
प्राचार्य प्रथम ०३ ०२ ०१
प्राचार्य हा.से. द्वितीय ५९ २० ३९
प्राचार्य हाईस्कू. ५४ २२ ३२
व्याख्याता १९२ ४९ १४३
शिक्षक तृतीय ४३२ २२८ २०४
वरिष्ठ अध्यापक २५८ १४० ११८
संविदा वर्ग१ १२८ ०६ १२२
सं.वर्ग २ २५९ ८० १७९
अन्य सहित कुल= ४५४७ ३२९३ १२५४ पद वर्तमान में दर्ज हैं।
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बॉक्स: एकल शिक्षकीय शासकीय स्कूल
विकासखंड प्राथमिक माध्यमिक कुल
अनूपपुर ४० १० ५०
जैतहरी ३९ १४ ५३
कोतमा १४ ७ २१
पुष्पराजगढ़ ४८ १८ ६६
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बॉक्स: बिना शिक्षक संचालित स्कूल
विकासखंड प्राथमिक माध्यमिक कुल
अनूपपुर ४ ३ ७
जैतहरी १ २ ३
कोतमा ० १ १
पुष्पराजगढ़ ४ १० १४
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वर्सन:
अभी तक अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं। नए सत्र अप्रैल माह से ही आरम्भ हो चुका । शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाएं प्रभावित हो रही है। अब आदेश के उपरांत ही भर्ती प्रक्रिया आरम्भ हो सकेगी।
पीएन चतुर्वेदी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अनूपपुर।
Published on:
07 Jul 2018 09:33 pm
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