
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर नगरवासियों व शासकीय सेवकों ने किया योगाभ्यास, विश्वविद्यालय अमरकंटक सहित अन्य स्कूली संस्थाओं में भी मनाया गया योग दिवस
विकासखंडों में भी आयोजित हुए योग कार्यक्रम
अनूपपुर। योग का शाब्दिक अर्थ है जोडऩा। शरीर को मन से, मन को आत्मा से और आत्मा को परमात्मा से जोडक़र दिव्य आनंद की प्राप्ति योग के नियमित अभ्यास से संभव है। योग के इसी महत्व को समस्त विश्व के सामने लाकर समस्त मानव जाति का उत्थान करना अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य है। मनुष्य के अंदर छुपे समस्त शारीरिक एवं मानसिक विकारो को दूर कर शांति एवं समरसता के वातावरण का निर्माण योग से संभव है। योग के इस महत्व को रेखांकित कर, योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का प्रण लेने के उद्देश्य से आज सम्पूर्ण जिले में, विद्यालयों में, आंगनवाडिय़ों में सामूहिक योगाभ्यास किया गया। चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर गुरूवार की सुबह ७ बजे जिला मुख्यालय के एक्सीलेंस विद्यालय परिसर में योग दिवस मनाया गया। जिसमें आयुष मंत्रालय के सामान्य प्रोटोकॉल के अनुसार पंतजलि समिति के जिला प्रभारी जेपीएन शर्मा, योग शिक्षक निवास तिवारी, माधुरी राठौर द्वारा मैदान में उपस्थित जिला प्रशासन के अधिकारियों व नगरवासियों को योग प्रणायाम कराकर स्वस्थ्य जीवन व स्वस्थ्य बुद्धि बनाए रखने की शिक्षा दी गई। योगाभ्यास के दौरान योग गुरूओं ने योग दिवस को प्रार्थना के साथ प्रारम्भ किया, जहां ताड़ासान, वृक्षासन, पाद- हस्तासन, त्रिकोणासन, व्रजासन, अद्र्धउष्ट्रासन, शशकासन, वक्रासन, भुजंगासन, सलभासन, शवासन, कपालभांति, प्रणायाम , अनुलोम-विलोम सहित अन्य आसानों को उपयोग कर अपने जीवन को निरोग काया बनाए रखने की बात कही। कार्यक्रम में जिला स्तरीय योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रभारी कलेक्टर एवं जिपं सीईओ डॉ. सलोनी सिडाना, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन, अपर कलेक्टर डॉ. आरपी तिवारी समेत विभिन्न विभागो के जिलाधिकारी, नवनियुक्त आरक्षक, छात्र एवं छात्राओं के साथ आमजन शामिल हुए। कार्यक्रम के आरम्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देहरादून से दिए गए सम्बोधन का सीधा श्रवण सुनाया गया।
बॉक्स: योग के माध्यम से खुद को स्वस्थ रख समाज को निरोगी बनाएं
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में योग की विशेष कार्यशाला के साथ तीन दिवसीय कार्यक्रमों का समापन हुआ। योग संकाय के तत्वावधान में तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को योग साधकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और निकटवर्ती क्षेत्र के निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। योग शिक्षक डॉ. श्याम सुंदर पाल और डॉ. संदीप ठाकरे के निर्देशन में योग साधकों को विभिन्न प्रकार के आसन-भद्रासन, वक्रासन, मंडुकासन, ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोनासन, कटि चक्रासन, उत्कटासन, पवन मुक्तासन, उत्तान पादासन, सेतु बंधासन, अर्ध चक्रासन, मरकटासन, भुजंगासन, धनुषासन, शलभासन आदि कराए गए। इसके बाद प्राणायाम में कपालभाति, अनुलोम-विलोम, उज्जायी और शीतली प्राणायाम कराए। जबकि बुधवार को विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यशाला में महामंडलेश्वर स्वामी सुखदेवानंद ने योग की अलौकिक शक्तियों के बारे में जानकारी प्रदान की। उनका कहना था कि सभी प्राणी सतत योग से युक्त हैं बस इसे अनुभव करने की आवश्यकता है। उन्होंने चेतनासूत्र को योग बताते हुए कहा कि योग के माध्यम से स्वयं की इच्छा, ज्ञान और क्रिया शक्तियों को जागृत किया जा सकता है।
Published on:
22 Jun 2018 08:47 pm
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