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यूक्रेन में फंसी एडीपीसी की बेटी, मैसेज टोन बजते ही मोबाइल चैक कर रहे पिता, ताकि पता चल सके कैसी है बेटी

यूक्रेन मामला: युद्ध के बीच यूक्रेन में फंसी शिक्षा विभाग के एडीपीसी की बेटी, एसपी ने ली जानकारी।

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यूक्रेन में फंसी एडीपीसी की बेटी, मैसेज टोन बजते ही मोबाइल चैक कर रहे पिता, ताकि पता चल सके कैसी है बेटी

यूक्रेन में फंसी एडीपीसी की बेटी



अशोकनगर. यूक्रेन में मेडीकल की पढ़ाई कर रही शहर की बेटी भी युद्ध के हालातों के बीच वहां फंसी हुई है। पांच दिन से युद्ध की गतिविधियां बढ़ीं तो परिजनों की चिंता बढ़ गई है। इससे माता-पिता अपनी बेटी से फोन पर बात करके जानकारी लेते जा रहे हैं, साथ ही बेटी भी हर दो घंटे में मैसेज के माध्यम से वहां के हालात की सूचना पिता को भेज रही है।
शिक्षा विभाग के एडीपीसी अनिल खंतवाल की बेटी ऋषिका खंतवाल यूक्रेन में वर्ष 2019 से मेडीकल की पढ़ाई कर रही है, जो विन्निसिया नेशनल पिरोगोव मेडीकल यूनिवर्सिटी की छात्रा है। लेकिन युद्ध के हालातों के बीच हॉस्टल में भारत के अन्य छात्र-छात्राओं के बीच फंसी हुई है। इससे परिवार भी चिंतित है और पिता अनिल खंतवाल का कहना है कि पांच दिन से लगातार फोन पर बात चल रही है, सुबह भी बात हुई थी। उनका कहना है कि सायरन बजते ही सभी स्टूडेंट को हॉस्टल के कमरों से तुरंत नीचे उतरना पड़ता है और सायरन बंद होने के बाद फिर से कमरों में पहुंचते हैं। इससे पिता ने बेटी को हर दो घंटे की स्थिति की अपडेट का मैसेज करने के लिए कहा है और ऋषिका खंतवाल हर दो घंटे में स्थिति की जानकारी मैसेज पर भेज रही है।
गूगल लिंक पर भरा फॉर्म, बैग तैयार सिर्फ निकलने का इंतजार-
अनिल खंतवाल ने बताया कि आज बात हुई तो ऋषिका ने बताया कि उन्हें भारत सरकार की तरफ से गूगल फॉर्म मिला है, जिसमें पूरी जानकारी भर दी गई है और सूची में उसका नाम भी आ गया है। साथ ही उन्हें बताया गया है कि पहले फस्र्ट इयर, फिर सेकेंड, थर्ड व इसके बाद फोर्थ इयर के छात्रों को भारत ले जाया जाएगा। इससे वह सभी बैग तैयार रखकर निकलने के लिए मैसेज मिलने के इंतजार में हैं।
50 छात्रों को ले जाया गया, वह भी वापस लौटे-
अनिल खंतवाल के मुताबिक ऋषिका खंतवाल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि रोमानिया के रास्ते उन्हें भारत ले जाया जाएगा। इसके लिए हॉस्टल से पहले 50 छात्रों को ले जाया गया था, लेकिन उन छात्रों से सूचना दी कि उन्हें भी वापस हॉस्टल भेजा जा रहा है। इससे अनिल खंतवाल ने अपनी बेटी से कहा है कि किसके मैसेज पर ले जाया जा रहा है, इसकी जानकारी भी भेजना और पहले यह पता जरूर करना कि उन्हें यह मैसेज भारतीय दूतावास से ही आ रहे हैं क्या।