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जन्नत सा नजारा देख नहीं रहा खुशी का ठिकाना, सर्द मौसम में लिया प्रकृति का लुत्फ

अपने आप को रोक नहीं पाए, उन्होंने पहाड़ों के बीच बह रहे झरने का लुत्फ लेने के साथ ही दिन भर प्रकृति का आनंद लिया।

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जन्नत सा नजारा देख नहीं रहा खुशी का ठिकाना, सर्द मौसम में लिया प्रकृति का लुत्फ

जन्नत सा नजारा देख नहीं रहा खुशी का ठिकाना, सर्द मौसम में लिया प्रकृति का लुत्फ

अशोकनगर/पिपरई. भले ही ठंड ने कोहराम मचा रखा है, लेकिन इसी बीच प्रकृति का निखार लोगों को अपनी ओर आकषित कर रहा है, शनिवार को जब मकर संक्राति पर लोग भरकेश्वर धाम पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, वे अपने आप को रोक नहीं पाए, उन्होंने पहाड़ों के बीच बह रहे झरने का लुत्फ लेने के साथ ही दिन भर प्रकृति का आनंद लिया।

ग्राम पंचायत जमाखेड़ी के भरकेश्वर धाम पहुंचकर हजारों लोगों ने मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी लगाई और मेले का लुत्फ उठाया। साथ ही 10 साल बाद भरकेश्वर में मकर संक्रांति पर चल रहे झरने का आनंद लिया। स्नान के बाद लोगों ने शंकर भगवान में मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रसादी भेंट की और नाग नागिन के दर्शन किए।

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इस बार कोरोना की संभावित तीसरी लहर के चलते इस बार प्रशासन ने मेले के आयोजन पर प्रतिबंध लगाया था। इससे वहां नाम मात्र की ही दुकानें लगी। इसमें सबसे अधिक बच्चों के खेल खिलौनों की दुकानें शामिल थीं। इससे लोग खान-पान को परेशान होते देखे गए, लेकिन बच्चों ने खिलौनों की खूब खरीददारी की। पहले मकर सक्रांति के मेले पर कुंड में झरना गिरता था, जो पानी की कमी के कारण लगभग 10 वर्षों से लोगों को देखने नहीं मिला, लेकिन इस बार कुछ दिन पहले हुई बारिश से झरना गिरना प्रारंभ हो गया। जो काफ ी आकर्षण का केंद्र रहा। इस दृश्य को निहारने हजारों लोग पहुंचे और अपने आप को झरने के साथ कैमरे में कैद किया। वहीं पानी से निकल कर नीचे कुंड से भी झरने को लोगों ने अपने कैमरों में कैद किया।

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लोगों ने नीचे कुंड में पहले आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शंकरजी को प्रसादी भेंट कर झरने के नीचे दो चट्टानों के बीच नाग नागिन के दर्शन किए। इस दौरान साधुओं और श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा कुंड बम भोले से गूंजता रहा। मान्यता है कि कई वर्षों से मकर सक्रांति के दिन भगवान शंकर यहां पर दो दिन दर्शन देने आते हैं।