30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिद व जुनून ने बदल दी पहाड़ी के बंजर जमीन की तस्वीर, लहलहाते पेड़-पौधे दे रहे गवाही

World Environment Day पूर्व डीपीसी आरके वैद्य ने पौधा लगाया, जाते जाते पहाड़ी क्षेत्र में पर्यावरण प्रेमियों का कारवां खड़ा कर दिया
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अशोकनगर

•

image

Dheerendra Vikramadittya

•

Updated: 5 Jun 2020, 3:15 PM IST

जिद व जुनून ने बदल की पहाड़ी के बंजर जमीन की तस्वीर, लहलहाते पेड़-पौधे दे रहे गवाही

जिद व जुनून ने बदल की पहाड़ी के बंजर जमीन की तस्वीर, लहलहाते पेड़-पौधे दे रहे गवाही

अशोकनगर। जिद और जुनून हो तो शायद ही कोई मुकाम मुश्किल हो। पहाड़ी क्षेत्र की बंजर जमीन को एक जिद ने हरा भरा करने की ऐसी ठानी कि इस जुनून में लोगों का एक कारवां बन गया।
बात 2007 की है। अशोकनगर के तत्कालीन डीपीसी आरके वैद्य ने ग्राम पंचायत मोहरीराय में पौधारोपण किया। पौधारोपण के बाद वह लगातार इस गांव में लगाए गए पौधों को हराभरा रखने के लिए हर संभव कोशिश करते रहे। उनकी देखरेख में पौधे बढ़ रहे थे लेकिन दो साल बाद 2009 में डीपीसी वैद्य का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद उन्होंने पौधों की देखभाल के लिए भारत विकास परिषद के जिम्मेदारों को बुलाया और जिम्मेदारी सौंपी। परिषद के पूर्व अध्यक्ष विकास जुनेजा बताते हैं कि 2009 में विकास परिषद ने मोहरीराय पंचायत के टोरिया को गोद लिया।

Read this also: बंजर जमीन पर हरे-भरे पेड़ पौधे दे रहे जुनून की गवाही, पानी खरीदकर भी पौधों को सींचने से नहीं संकोच

परिषद के 60 सदस्य तत्कालीन डीपीसी वैद्य की लगाई गई बगिया को और हराभरा व विस्तारित करने में जुट गए। देखते ही देखते टोरिया पहाड़ी बगीचा का रुप लेने लगी। 30 बीघा के आसपास की जमीन की तार फेंसिंग कराई गई। उसका बाउंड्री कराया गया।
भारत विकास परिषद की साठ सदस्यीय पर्यावरण टीम ने चार हजार पौधे रोपे। आज की तारीख में करीब दौ हजार पौधे तो पेड़ बन चुके हैं।
अब यह पहाड़ी क्षेत्र काफी हराभरा है। यहां की काफी अधिक बंजर जमीन पर हरियाली से आच्छादित है। शीशम, सागौन, नीम आदि पेड़ इस क्षेत्र को हराभरा कर रहे।

Read this also: मनरेगा में काम के लिए 25 हजार कमीशन, सांसद-विधायक को 25 प्रतिशत कमीशन चाहिए!