
जिद व जुनून ने बदल की पहाड़ी के बंजर जमीन की तस्वीर, लहलहाते पेड़-पौधे दे रहे गवाही
अशोकनगर। जिद और जुनून हो तो शायद ही कोई मुकाम मुश्किल हो। पहाड़ी क्षेत्र की बंजर जमीन को एक जिद ने हरा भरा करने की ऐसी ठानी कि इस जुनून में लोगों का एक कारवां बन गया।
बात 2007 की है। अशोकनगर के तत्कालीन डीपीसी आरके वैद्य ने ग्राम पंचायत मोहरीराय में पौधारोपण किया। पौधारोपण के बाद वह लगातार इस गांव में लगाए गए पौधों को हराभरा रखने के लिए हर संभव कोशिश करते रहे। उनकी देखरेख में पौधे बढ़ रहे थे लेकिन दो साल बाद 2009 में डीपीसी वैद्य का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद उन्होंने पौधों की देखभाल के लिए भारत विकास परिषद के जिम्मेदारों को बुलाया और जिम्मेदारी सौंपी। परिषद के पूर्व अध्यक्ष विकास जुनेजा बताते हैं कि 2009 में विकास परिषद ने मोहरीराय पंचायत के टोरिया को गोद लिया।
परिषद के 60 सदस्य तत्कालीन डीपीसी वैद्य की लगाई गई बगिया को और हराभरा व विस्तारित करने में जुट गए। देखते ही देखते टोरिया पहाड़ी बगीचा का रुप लेने लगी। 30 बीघा के आसपास की जमीन की तार फेंसिंग कराई गई। उसका बाउंड्री कराया गया।
भारत विकास परिषद की साठ सदस्यीय पर्यावरण टीम ने चार हजार पौधे रोपे। आज की तारीख में करीब दौ हजार पौधे तो पेड़ बन चुके हैं।
अब यह पहाड़ी क्षेत्र काफी हराभरा है। यहां की काफी अधिक बंजर जमीन पर हरियाली से आच्छादित है। शीशम, सागौन, नीम आदि पेड़ इस क्षेत्र को हराभरा कर रहे।
Updated on:
5 Jun 2020, 3:15 PM IST
Published on:
5 Jun 2020, 3:15 PM IST
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