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यूनिवर्सिटी ने लॉ सहित शहर के तीन कॉलेजों की खत्म की संबद्धता! छात्रों की बढ़ी समस्या

जहां छात्रों ने प्रवेश के लिए अपने पंजीयन करा लिए थे और दस्तावेजों का सत्यापन भी हो रहा था, लेकिन ऐसे में जीवाजी यूनिवर्सिटी ने शहर के लॉ कॉलेज सहित तीन कॉलेजों की संबद्धता खत्म कर दी।

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Ashoknagar Law College, whose affiliation ended

अशोकनगर. जहां छात्रों ने प्रवेश के लिए अपने पंजीयन करा लिए थे और दस्तावेजों का सत्यापन भी हो रहा था, लेकिन ऐसे में जीवाजी यूनिवर्सिटी ने शहर के लॉ कॉलेज सहित तीन कॉलेजों की संबद्धता खत्म कर दी। लॉ कॉलेज की संबद्धता खत्म होने का कारण यूनिवर्सिटी ने बीसीआई से स्वीकृति न मिलना बताया है, वहीं दोनों प्राइवेट कॉलेजों का कारण योग्य स्टाफ न होना बता रहे हैं। इससे प्रवेश के लिए अब छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ेगा।

नेहरू स्नातकोत्तर कॉलेज में संचालित होने वाले लॉ कॉलेज में एलएलबी की 160 सीटें हैं और इसमें अब तक करीब 70 छात्र-छात्राएं प्रवेश ले चुके हैं और प्रवेश का काम चल रहा है। ऐसे में संबद्धता खत्म हो जाने से अब इन छात्र-छात्राओं को दूसरे कॉलेजों में प्रवेश लेना पड़ेगा।

यूनिवर्सिटी बीसीआई (बार काउंसिल ऑफ इंडिया) से स्वीकृति पत्र न आने की बात कह रही है, जबकि प्राचार्य डॉ.डीआर राहुल का कहना है कि कॉलेज मई माह में साढ़े तीन लाख रुपए फीस बीसीआई को जमा करा चुका था, लेकिन बीसीआई की टीम कॉलेज में निरीक्षण करने नहीं आई, इससे स्वीकृति पत्र जारी नहीं हुआ।

जबकि बीसीआई ने वर्ष 2013-14 में निर्देश दिया था कि यदि कोई कॉलेज फीस जमा करा चुका है और टीम निरीक्षण करने नहीं पहुंच पाई तो उसकी मान्यता बरकरार मानी जाएगी। इसके बावजूद भी बीसीआई से पत्र न पहुंचने से यूनिवर्सिटी ने कॉलेज की संबद्धता खत्म कर दी।

सैकड़ों छात्रों को तीन दिन में लेना होगा ई-प्रवेश
संबद्धता खत्म होने की वजह से इन तीनों कॉलेजों के लिए प्रवेश ले चुके सैकड़ों छात्र-छात्राओं को यूनिवर्सिटी ने तीन दिन में पंजीयन कराना होंगे। इसके लिए 17 जून से पंजीयन शुरू हो जाएंगे, जो 19 जून तक चलेंगे। वहीं प्रथम चरण का सीट आवंटन 23 जून को जारी होगा। प्रवेश की पूरी प्रक्रिया 14 अगस्त तक पूर्ण होगी। वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया और मुरैना में ही सिर्फ दो सरकारी लॉ कॉलेज बचे हैं, इससे छात्रों को अब वहां प्रवेश लेना होगा।

बड़ा सवाल: फिर बिल्डिंग पर साढ़े छह करोड़ का खर्चा क्यों
शहर में गुना रोड पर शासन साढ़े छह करोड़ रुपए की लागत से लॉ कॉलेज की बिल्डिंग बनवा रही है। इसके निर्माण का कार्य भी चल रहा रहा है, ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब कॉलेज की संबद्धता खत्म कर दी गई है तो फिर शासन बिल्डिंग पर करोड़ों रुपए खर्च क्यों कर रहा है।

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