13 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मां दे रहीं थी परीक्षा तो बच्चों ने उमस के बीच पापा के साथ किया इंतजार

डीएलएड परीक्षा में शामिल हुईं महिलाएं...

2 min read
Google source verification
exam

मां दे रहीं थी परीक्षा तो बच्चों ने उमस के बीच पापा के साथ किया इंतजार

अशोकनगर. स्कूलों में पढ़ाने डिप्लोमा लेने के लिए जहां महिलाओं ने तो परीक्षा दी ही, साथ ही उनके पतियों और छोटे बच्चों को भी मां की सफलता के लिए मेहनत करते देखा गया। महिलाएं परीक्षा देने केंद्र पर गईं तो उनके छोटे-छोटे बच्चों को धूप और उमस के बीच बाहर इंतजार करना पड़ा। गुरुवार को डीएलएड की परीक्षा थी, इसके लिए शहर में अन्य जिलों से भी परीक्षार्थी शामिल हुए। पठार स्थित बापू विद्यालय में बने परीक्षा केंद्र पर महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों को साथ लेकर परीक्षा देने आईं।

लेकिन परीक्षा केंद्र के बाहर ही उन्हें अपने बच्चों को पतियों के साथ बाहर ही छोडऩा पड़ा। साथ आए लोगों को परीक्षा केंद्र से दूर करवा दिया गया। इससे दो दर्जन से अधिक छोटे-छोटे बच्चों को उनके पिता लेकर घूमते हुए दिखे, जहां माताएं अंदर परीक्षा में प्रश्नपत्र हल कर रही थीं, तो वहीं कोई पिता बच्चे को गोद में लिए घूमता तो कोई उन्हें खाना खिलाता दिखा।

वहीं कई तो बच्चों को उमस से बचने के लिए नीचे छांव में बैठकर हवा करते देखे गए। इससे करीब तीन घंटे तक पिता छोटे बच्चों को इसी तरह से देखभाल करने में जुटे रहे, बाद में परीक्षा खत्म होने के बाद माताओं ने आकर बच्चों को अपनी गोद में उठाया।

इधर,शादी के ठीक बाद परीक्षा देने पहुंची दुल्हन:-
वहीं दो दिन पहले ही यानि बुधवार को भी इसी तरह का एक मामला जिले में सामने आया था। दरअसल इस दिन पड़रिया निवासी अर्चना शर्मा पिता कैलाश नारायण शर्मा की पुत्री का विवाह अशोक नगर निवासी रत्नेश शर्मा पिता अवधेश शर्मा से हुई। मंगलवार को हुई इस शादी के बाद बुधवार को वह विदा होने के बाद सीधे गार्डन से नेहरू डिग्री कॉलेज अपने LLB सिक्स सेम की परीक्षा देने पहुंचे। जहां उन्होंने 8 बजे से 11 बजे तक परीक्षा में हिस्सा लिया।

इस दौरान रात में जागे रहने के कारण उन्हें काफी परेशानी भी हुई, क्योंकि रात में पूजा हुई वहीं मंत्रोचारण के चलते न तो वह सो पाई और न ही पढ़ाई ही कर पाई। नवविवाहिता अर्चना ने बताया कि उनके जीवन में विवाह और शिक्षा दोनों ही महत्वपूर्ण है और दोनों ही जीवन में 1 एक बार होती है इसलिए उनके लिए दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।

ऐसे में पहले तो उन्होंने अपना विवाह किया और सुबह परीक्षा हिस्सा लिया इस दौरान उनके पति रत्नेश शर्मा उन्हें लेकर पहले तो परीक्षा केंद्र छोड़ने पहुंचे और फिर लेने भी गए इस दौरान दुल्हन ने शादी के चूड़े और मेहंदी हल्दी लगे हाथों से परीक्षाएं दी और वहीं दूल्हा भी अपने दूल्हे की वेशभूषा में कॉलेज उन्हें लेने भी पहुंचा, जो लोगों का आकर्षण का केंद्र बना रहा।